Baghpat News: महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला बृहस्पतिवार को बागपत पहुंचीं। उन्होंने कहा कि लड़कियों के मोबाइल चलाने पर परिजन पाबंदी लगाएं। उन्हें अच्छी शिक्षा दिलाएं। वहीं बड़ौत कोतवाल के कार्य करने के तरीके पर असंतोष जताया।
महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला ने कहा कि इंस्टाग्राम व फेसबुक चलाकर ही बेटियां लापता हो रही हैं, क्योंकि वह लड़कों के झांसे में फंस जाती है। परिजनों को भी बेटियों पर निगाह रखने की जरूरत है और यदि उनके मोबाइल में पासवर्ड लगा है तो समझ लेना कि वह गलत राह पर चल रही है। इसलिए बेटियों को अच्छी शिक्षा देकर उनको मोबाइल से दूर रखें।
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मीनाक्षी भराला बृहस्पतिवार को बागपत के विकास भवन सभागार में जनसुनवाई के लिए पहुंची थीं। प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि महिला उत्पीड़न के मामले बढ़े हैं। बागपत जिले में 24 लड़कियों का अपहरण हुआ था, जिनमें 10 को बरामद कर लिया गया, 14 अभी गायब हैं। उनको भी बरामद कराया जाएगा।
कहा कि लड़कियों के साथ हो रही घटनाओं की बड़ी वजह इंस्टाग्राम व फेसबुक है। इंस्टाग्राम पर दोस्ती होती है, न परिवार का पता और फोटो भी फेक होते हैं। लड़कियों को बहला-फुसलाकर ले जाते हैं। यह समस्या उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे देश में बनी हुई है। इससे बचाव तभी होगा, जब परिवार के लोग सोशल मीडिया पर बंदिश लगाएं। लड़की के फोन में पासवर्ड है तो समझ लो कि कोई गड़बड़ है। पासवर्ड को हटाना पड़ेगा। देखना पड़ेगा कि कौन-कौन से एप चलाती हैं, किससे बात करती हैं।
भराला ने कहा कि मैंने पहले बागपत में कहा था कि 18 वर्ष तक की उम्र के लिए लड़कियों पर मोबाइल प्रतिबंध कर देना चाहिए, जिसका खूब विरोध हुआ था। क्योंकि मैं कहूंगी कि 16 नहीं 14 से 18 वर्ष की उम्र में लड़कियां आसानी से बहकावे में आती हैं। परिजनों को भी उनपर ध्यान रखना होगा, ताकि बेटियों को लापता होने से बचाया जा सकें।
बड़ौत कोतवाल के कार्य करने पर उठाए सवाल
महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि बड़ौत कोतवाल का कार्य करने का तरीका सही नहीं है। सबसे अधिक लड़की उनके क्षेत्र की लापता हैं और बरामदगी करने में लापरवाही बरतते हैं। वह इस मामले को लेकर एडीजी से वार्ता करेंगी, ताकि बड़ौत क्षेत्र में अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकें।
दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाकर जेल भेजने की धमकी देती है बहू
बड़ौत की एक महिला ने जनसुनवाई के दौरान कहा कि बहू को यदि काम के लिए कहते हैं तो वह दहेज उत्पीड़न में जेल भेजने की धमकी देती है और उन्हें खाना तक नहीं देती। ऐसे में काफी परेशानी हो रही है। इसके अलावा एक स्टाफ नर्स ने चतुर्थ श्रेणी कर्मी पर अभद्रता करने के मामले में कार्रवाई न होना, उपचार कराने के नाम पर नशीली दवाई खिलाकर अपहरण करने के मामले में बड़ौत पुलिस द्वारा कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। इसके अलावा भी दहेज उत्पीड़न, ससुर पर संपत्ति बेचने, घर से बाहर निकालने सहित 11 मामले पहुंची। सदस्य ने एक सप्ताह में जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए।