पंकज को हत्या की धमकी दे रहे थे आरोपी, घटनास्थल पर संघर्ष भी हुआ
गांगनौली गांव में पंकज राठी को आरोपी लगातार हत्या की धमकी दे रहे थे। उनकी पहले भी कहासुनी हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि पंकज के पास तीन दिन पहले भी आरोपियों का फोन आया था और उसकी छह जनवरी को हत्या करने के लिए कहा था। इसलिए ही आरोपियों ने शुक्रवार रात को पहले झगड़ा किया। पुलिस ने जांच के लिए पंकज का मोबाइल भी कब्जे में लिया है, जिसमें धमकी की रिकॉर्डिंग बताई जा रही है।
पंकज के भाई नीरज राठी ने बताया कि गांगनौली गांव के जंगल में दिल्ली-देहरादून इकोनॉमी कॉरिडोर के पास उनके खेत हैं। खेत में बनी झोपड़ी में खून और पंकज की चप्पल भी पड़ी थी। इससे यह माना जा रहा है कि शुक्रवार की रात उसी झोपड़ी में तीनों आरोपियों ने पंकज राठी पर हमला किया। घायल होने के बाद पंकज वहां से भागा और उसने जान बचाने के लिए संघर्ष भी किया। झोपड़ी से लगभग 50 मीटर की दूरी पर तीनों आरोपियों ने उसका गला रेत दिया।
पार्किंग का लिया था ठेका, थाने में दर्ज करीब 14 मुकदमे
दोघट थाना प्रभारी सोनवीर सिंह ने बताया कि मृतक पंकज राठी उर्फ गोटा दोघट थाने का हिस्ट्रीशीटर था। उसके खिलाफ लगभग 14 मुकदमे दर्ज है। वहीं उसके भाई ने बताया कि अपराध छोड़कर पंकज ने दिल्ली में पार्किंग का ठेका लिया था। उसके लिए पचास हजार रुपये भी दिए थे और उसने कहा था कि अब वह दिल्ली में रहेगा।
एएसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि झगड़ा होने की रंजिश में सरगम, भूपेंद्र उर्फ भूरा, सागर ने मिलकर पंकज राठी की हत्या की है। तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।