यमुना किनारे वॉक कर रहीं रिटायर्ड शिक्षिका बेनी देवी की दलदल में फंसने से मौत हो गई। वह सिर तक मिट्टी में धंस गईं। कुछ दूरी पर काम कर रहे किसान शोर सुनकर दौड़े और बेनी देवी को निकालकर अस्पताल भेजा, जहां रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
खेकड़ा के पट्टी मुंडाला की सेवानिवृत्त शिक्षिका बेनी देवी (74) बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे काठा गांव स्थित यमुना किनारे टहल रही थीं। वॉक करते समय अचानक वह दलदल में धंसने लगीं। उन्होंने शोर मचाया तो आसपास खेतों में काम कर रहे किसान मौके पर दौड़े, मगर तब तक बेनी देवी पूरी तरह दलदल में समा चुकी थीं।
किसानों ने कड़ी मशक्कत के बाद बेनी देवी को दलदल से निकाला। अचेत अवस्था में उन्हें जिला अस्पताल ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने महिला के फोटो खींचे और आसपास के थानों में भेजे। तभी खेकड़ा से एक बुजुर्ग महिला के गायब होने की जानकारी मिली। खेकड़ा थाने में तैनात पुलिसकर्मी ने बेनी देवी के दामाद सुरेंद्र को फोटो दिखाकर उनकी पहचान कराई। जांच अधिकारी दीक्षित कुमार त्यागी का कहना था कि मुंह में पानी जाने और दम घुटने से महिला की मौत हुई है।
बेटे और पति की मौत से अवसाद में चली गई थीं बेनी देवी
बेनी देवी करीब 12 साल पहले बड़ागांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय से सेवानिवृत्त हुई थीं। वह अपने छोटे बेटे के पास रहती थीं। पांच साल पहले बेनी देवी के बड़े बेटे शिक्षक अंकित रुहेला की सहारनपुर में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। दो साल पहले उनके पति लक्ष्मण सिंह की हार्ट अटैक से मौत हो गई। इसके बाद से बेनी देवी अवसाद में चल रही थीं।
यमुना किनारों पर बनी दलदल, लोगों से दूर रहने की अपील
यमुना नदी में बाढ़ आने के कारण मिट्टी कटान भी हुआ है। इसके अलावा कई जगह जलभराव होने के बाद दलदल जैसी स्थिति बनी हुई है। इसमें खड़े होने पर नीचे धंस जाते हैं। ऐसे में यमुना के किनारों पर सावधानी बरतने की जरूरत है। जहां भी जलभराव हो, वहां पर न जाएं। इसके अलावा यमुना किनाारे से भी दूर ही रहे।
- रजनीश कुमार, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग
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