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चिलचिलाती गर्मी में अघोषित कटौती ने रुलाया

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बड़ौत में उमस भरी गर्मी के बीच पैदल जाती महिलाएं - फोटो : BARAUT
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- 44 डिग्री सेल्सिस तक पहुंच रहा अधिकतम तापमान, बिजली के अघोषित कट से बढ़ी परेशानी
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- बागपत के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में अचानक बढ़े अघोषित कट, बड़ौत में स्थिति ज्यादा खराब
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/बड़ौत। सूर्य देव की तपिश लगातार बढ़ रही है। कई दिन से अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है। गर्मी के कारण लोगों की हालत खराब हो रही हैं। इसके साथ ही बिजली भी रुलाने लगी हैं। बागपत में दो घंटे, बड़ौत में छह घंटे और गांवों में आठ घंटे तक की कटौती होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही हैं। करीब एक सप्ताह पूर्व आई आंधी के कारण खंभे टूटने से बाधित हुई आपूर्ति कई क्षेत्रों में अभी तक सुचारु नहीं हो सकी है।
शासन ने जिला मुख्यालय पर 24 घंटे और तहसील मुख्यालय पर साढ़े 21 घंटे आपूर्ति का शेड्यूल तय किया हुआ है। गांवों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति होनी चाहिए। एक सप्ताह पहले बारिश व आंधी के कारण खंभे टूटने से शहर से लेकर गांवों तक बत्ती गुल हो गई थी। शहरों की आपूर्ति अगले दिन सुचारु हो गई, लेकिन गांवों में तीन से चार दिन आपूर्ति में लगे थे। मगर, अब बिजली के अघोषित कटों ने परेशानी बढ़ा दी हैं। बागपत शहर में 24 घंटे में कई बार में करीब दो घंटे के अघोषित कट लगाए जा रहे हैं। बड़ौत में करीब 18 घंटे ही बिजली आपूर्ति हो रही है। दिन में अघोषित बिजली कटौती से बुरे हालात हो जाते हैं। गांवों में 24 घंटे बिजली रुलाती रहती है। आधे से एक घंटे के अघोषित कट लगाए जा रहे है। मात्र दस घंटे ही आपूर्ति मिल रही है।
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बिजली कट के कारण छतों और सड़कों पर घूमकर रात काटने को मजबूर
बड़ौत की मधुबन कालोनी निवासी विनीत मलिक का कहना है कि कई दिन से बिजली में अघोषित कटौती की जा रही हैं। दिन के समय पेयजल व्यवस्था को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रात में बिजली कटौती के कारण घर के बाहर सड़कों या मकान की छतों पर घूमने को मजबूर है।
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बिजली कटौती से व्यापार पर पड़ रहा असर
बिजरौल रोड स्थित दुकान के संचालक सत्यपाल का कहना है कि 15 दिनों से दिन में तीन से चार और रात के समय दो से तीन घंटे बिजली कटौती की जा रही है। बिजली कटौती से रोजाना फ्रिज में रखा समान खराब हो रहा है।
अधिकारियों का दावा, पूरी मिल रही बिजली
गर्मी में जिले में शेड्यूल के अनुसार आपूर्ति की जाए तो पचास लाख यूनिट बिजली की खपत होती है। विद्युत निगम के अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पचास लाख यूनिट बिजली की जरूरत है और वह पूरी मिल रही है। अधिकारी दावा करते है कि जिले में कोई कटौती नहीं हो रही है और किसी जगह लाइन में फाल्ट आने पर ही आपूर्ति बाधित हो जाती हैं।
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फाल्ट आने पर होती है समस्या
एक्सईएन प्रथम गोपाल सिंह व एक्सईएन द्वितीय राजेश कुमार कहते है कि शासन के निर्देशों के अनुसार ही बिजली सप्लाई हो रही हैं। मगर, गर्मी में लोड बढ़ने से कई बार फाल्ट हो जाता है। इसके अलावा ट्रांसफार्मर भी फुंक जाते है। इस कारण बिजली कटौती करनी पड़ती है।
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