बागपत। छह जुलाई से शुरू हुई लर्निंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया की वेटिंग दो माह पहुंच गई है। लाइसेंस बनवाने के लिए प्रतिदिन 250 से 300 आवेदन किए जा रहे हैं, जबकि कार्यालय में एक दिन में 30 लाइसेंस ही बनाए जा रहे हैं।
कोरोना महामारी फैलने के बाद प्रदेश में 21 मार्च को लर्निंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। साढ़े तीन माह बाद जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में लर्निंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई। कोरोना महामारी को देखते हुए एआरटीओ कार्यालय में भीड़ न हो इसके लिए प्रतिदिन केवल 30 आवेदकों को ही कार्यालय में बुलाकर लाइसेंस की प्रक्रिया की जा रही है। लर्निंग लाइसेंस बनाने के लिए जिले में प्रतिदिन 250 से 300 आवेदक आवेदन कर रहे हैं, जबकि एक दिन में 30 लाइसेंस बनाने की प्रतिबद्धता के कारण अन्य आवेदकों को अन्य तिथि निर्धारित की गई है। दो सप्ताह पहले सात दिन की वेटिंग अब दो माह हो गई है। आवेदन करने वाले आवेदकों को दो माह बाद का समय मिल रहा है। एआरटीओ सुभाष राजपूत का कहना है कि जिले में एक दिन में लगभग 300 आवेदन आ रहे हैं, जबकि शासन से एक दिन में 30 लाइसेंस बनाने के निर्देश दिए हैं। शासन के निर्देशों के अनुरूप ही कार्यालय में एक दिन में 30 आवेदकों को बुलाकर लाइसेंस बनाए जा रहे है। आवेदन अधिक होने के कारण आवेदकों को दो माह के बाद की तिथि मिल रही है।