बागपत जनपद में बुखार कहर बनकर टूट रहा है। सूप गांव में सोमवार रात पांच माह की बच्ची और युवक की मौत हो गई। गांव में बुखार से 16 लोगों की जान जा चुकी है। सैकड़ों की संख्या में लोग बुखार से पीड़ित है। ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
सूप गांव के अमरेश की बेटी ऋतु पांच दिन से बुखार से पीड़ित थी। उसका बड़ौत के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। सोमवार देर रात उसकी अचानक हालत बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। इसके अलावा गांव के विनोद (40), पिछले एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थे।
परिजनों ने पहले उनका निजी चिकित्सक से उपचार कराया। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजनों ने उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती करा दिया था। सोमवार शाम उनकी भी अचानक तबियत खराब हो गई। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। दोनों का मंगलवार को गांव में अंतिम संस्कार किया गया।
गांव में बुखार से अब तक 16 लोगों की जान जा चुकी है। सैकड़ों की संख्या में लोग बुखार से पीड़ित हैं। गांव के लोगों का कहना है कि गांव में बुखार ने कहर बरपा रखा है।
ग्रामीणों ने कहा कि इसके बावजूद चिकित्सकों ने गांव में एक दिन थोड़ी देर के लिए स्वास्थ्य कैंप लगाया। सीएमओ डॉक्टर रविंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि गांव में चिकित्सकों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
लहचौड़ा में किसान की मौत
चांदीनगर। लहचौड़ा निवासी किसान पिंकी (40), मंगलवार सुबह खेत में चारा लेने के लिए गए थे। इसी दौरान उनकी वहां पर मौत हो गई। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का मानना है कि पिंकी की हार्टअटैक के कारण मौत हुई है। गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।