समाज के प्रति अपने दायित्व को समझते हुए महिला सरोज जैन ने मृत्युपरांत नेत्रदान करने का फैसला लिया था। उसकी इच्छा को पूर्ण करने के लिए बेटों ने मां के नेत्रों को दान कर दिया। यह नेत्र दो नेत्रहीन व्यक्तियों को लगाया जाएगा।
सरोज जैन पत्नी दिगंबर जैन समाज के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय राजबहादुर जैन की सुबह हृदय गति रुकने से मौत हो गई। सरोज ने मृत्युपरांत नेत्रदान करने का संकल्प पत्र भरा था। उनकी नेत्रदान करने की इच्छा को उनके दोनों पुत्र राजीव जैन और राजेश जैन ने भारत विकास परिषद बड़ौत के सहयोग से पूरा कराया।
सुभारती मेडिकल कॉलेज मेरठ के आई बैंक के डॉक्टरों की टीम ने सरोज जैन की आंखों की कार्निया निकालीं। यह नेत्र दो नेत्रहीन व्यक्तियों को लगाया जाएगा। बता दें कि भारत विकास परिषद द्वारा नेत्रदान जागरूकता अभियान पूरे वर्ष चलाया जाता है।
इसके लिए संकल्प पत्र भरकर लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित किया जाता है। इस अवसर पर परिषद के अध्यक्ष संजय जैन, सचिव योगेश जैन, अतुल जैन, राजीव गोयल, राकेश जैन, राजेश जैन, संजय जैन, मुकेश जैन आदि उपस्थित रहे।