जहरीली शराब पर ढाई घंटे हंगामा, आंदोलन और भूख हड़ताल का एलान
ग्रामीण बोले, जिंदा लेकर आए थे अमरपाल को, समय पर इलाज नहीं मिलने से हुई मौत
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। नौरोजपुर गुर्जर गांव के किसान अमरपाल की मौत के बाद जिला अस्पताल में ढाई घंटे तक हंगामे की स्थिति रही। गमजदा परिजनों ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़ा किया। ग्रामीणों ने कहा कि अमरपाल को जिंदा लेकर आए थे, लेकिन डॉक्टर और इलाज नहीं मिलने पर मौत हो गई। पीड़ितों ने चीख-चीखकर कहा कि जहरीली और मिलावटी शराब से मौत हुई है। पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया। शराब का खेल नहीं थमा तो बागपत से लेकर लखनऊ तक धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल की जाएगी।
किसान अमरपाल को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे बालेश्वर नैन का कहना था कि दोपहर करीब 12 बजे अमरपाल को जिंदा लेकर आए थे। स्वास्थ्यकर्मियों ने इलाज करने के बजाय रेफर करने की बात कही। डॉक्टर मौजूद ही नहीं थे। उन्हें इमरजेंसी से बाहर भेज दिया गया। दस मिनट बाद बताया गया कि अमरपाल की मौत हो गई है। स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। डीएम को कॉल कर एलान किया कि शव को जिला अस्पताल के गेट पर रखकर चले जाएंगे। पुलिस की मिलीभगत से शराब बिक रही है और स्वास्थ्यकर्मी लापरवाही बरत रहे हैं। पहले लोग कोरोना से जूझ रहे हैं और अब जहरीली शराब से मर रहे हैं। सीएम योगी को शराब से मौतें होने का संज्ञान लेना चाहिए। एसडीएम सदर अनुभव कुमार और सीओ सदर ओमपाल सिंह जिला अस्पताल पहुंचे और परिजनों को निष्पक्ष जांच व कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद दोपहर ढाई बजे मामला शांत हुआ।
जिला अस्पताल में पुलिस तैनात
जिला अस्पताल में हंगामा बढ़ते ही पुलिस तैनात कर दी गई। ग्रामीण पहुंचने शुरू हो गए। कई घंटे तनाव भरा माहौल रहा।
दिल्ली-सहारनपुर हाईवे जाम करने का ऐलान
बागपत। सपा नेता एवं अर्जुन अवार्डी पहलवान शोकेंद्र तोमर का कहना है कि पहले चमरावल और अब नौरोजपुर गुर्जर में जहरीली शराब से लोग मर रहे हैं। पुलिस-प्रशासन ने ठोस कार्रवाई नहीं की है। अगर सोमवार को पुलिस ने सख्त कार्रवाई नहीं की तो मंगलवार को दिल्ली-सहारनपुर हाईवे जाम कर दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी पुलिस-प्रशासन की होगी।
तोमर ने पहले सपा कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत की। इसके बाद पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचकर पीड़ित परिवार से जानकारी ली। सीओ सदर को चेतावनी दी कि जिले के युवा शराब के विरोध में सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। चमरावल और नौरोजपुर गुर्जर के पीड़ितों को दस-दस लाख रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए।
सीएमओ ने कहा, स्वास्थ्यकर्मियों की गलती नहीं
सीएमओ डॉ. आरके टंडन ने कहा कि किसी स्वास्थ्यकर्मियों की कोई गलती नहीं है। अमरपाल मृत अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया था। मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से ही स्पष्ट हो सकेगी।