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Baghpat News: अनुशासन को हथियार बनाकर पदक जीत रहीं बेटियां

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बड़ौत। शूटिंग के क्षेत्र में बेटियां अनुशासन को हथियार बनाकर सटीक निशाना लगा रही हैं और राज्य, राष्ट्रीय स्तर पर खेलकर पदक जीत रही हैं। बेटियों का लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतना है। इस सपने को लेकर सुबह-शाम लक्ष्य पर निशाना साधने का अभ्यास करती हैं।
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शूटिंग कोच विकास कुमार ने बताया कि लड़कियों की रुचि शूटिंग के क्षेत्र में बढ़ती जा रही है। शूटिंग सीखने के साथ वह अपना भविष्य भी इसी क्षेत्र में तलाश रही हैं। अनिता पूनिया पिस्टल स्पर्धा में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के अलावा राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाग कर चुकी हैं। विकास कुमारी भी नई दिल्ली में आयोजित हुई नेशनल चैंपियनशिप में भाग ले चुकी हैं। इनके अलावा राइफल स्पर्धा में आयुषी और नैंसी भोपाल में आयोजित हुई नेशनल चैंपियनशिप में खेल चुकी हैं। इनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना है। इनके अलावा भी काफी लड़कियां शूटिंग सीखकर राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा चुकी हैं। खेलों में रुचि रखने वाली अन्य करीब 30 लड़कियों को भी यह आगे बढ़ने के लिए हौसला देने का काम कर रही हैं।
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खेलों की दुनिया में सबसे पहले खिलाड़ी को अनुशासन में रहना चाहिए। अभ्यास तभी कर सकते हैं, जब अनुशासन होगा। इसके बिना सफलता प्राप्त करना मुश्किल है। सफलता प्राप्त करने के लिए नियमित अभ्यास के दौरान छोटी गलतियों को सुधारना चाहिए। -विकास कुमारी
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किसी भी स्तर की चैंपियनशिप में खिलाड़ियों को देखकर घबराना नहीं है, बल्कि अटल इरादे से निशाना साधकर पदक जीतने का लक्ष्य रखना चाहिए। इससे सफलता निश्चित मिलती है। देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने का सपना है, जिसके लिए नियमित अभ्यास किया जा रहा है। खेल में अनुशासन का होना बहुत जरूरी है। -आयुषी
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