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तवेलागढ़ी गांव में एक साल से ठप पड़ा पेयजल टंकी का बोरिंग

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तवेलागढ़ी स्थित पानी की टंकी - फोटो : BAGHPAT
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पेयजल की किल्लत से जूझ रहे ग्रामीण, मांग करने के बाद भी नहीं हो रहा समाधान
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संवाद न्यूज एजेंसी
दोघट। तवेलागढ़ी गांव में पेयजल की टंकी का ट्यूबवेल एक वर्ष से ठप है। ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। ग्रामीण समस्या का समाधान कराने की मांग कर हैं। इसके बावजूद समस्या जस की तस है। लोगों को हैंडपंप के सहारे पेयजल की व्यवस्था करने के लिए विवश होना पड़ रहा है।
गांव में पेयजल के लिए लगाया गया ट्यूबवेल खराब पड़ा है। ग्रामीण सबमर्सिबल और हैंडपंप के सहारे पेयजल आपूर्ति करने के लिए मजबूर हैं। नदियों के दूषित पानी के कारण हैंडपंपों का पानी भी दूषित हो चुका है। जिससे ग्रामीणों को जानलेवा बीमारी होने का डर सता रहा है। उच्चाधिकारियों से बार-बार ट्यूबवेल दुरुस्त कराए जाने की मांग के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है। ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना पड़ सकता है।
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पेयजल की समस्या से जूझ रहे लोग
ट्यूबवेल खराब होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। कई बार शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही है। समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए।-पूर्व प्रधान राजीव कुमार
हैंडपंप से करनी पड़ रही व्यवस्था
टंकी का बोरिंग खराब होने से लोगों को हैंडपंप से पेयजल की व्यवस्था करने के लिए विवश होना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल के लिए जूझना पड़ सकता है।-सुदेश छिल्लर
दूषित हो गया हैंडपंपों का पानी
नदी का पानी दूषित होने के कारण हैंडपंपों का पानी भी दूषित हो गया है। जिससे गांव में खतरनाक बीमारी फैलने का डर सताता रहता है। -देवेंद्र सिंह
दूषित पानी पीने को मजबूर
हैंडपंपों से निकलने वाले दूषित पानी से गांव में बीमारी बढ़ रही है। टंकी का बोरिंग खराब होने के कारण ग्रामीणों को दूषित पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। - महावीर सिंह
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उच्चाधिकारियों को अवगत कराया
गांव में पानी की जांच के दौरान जानकारी मिली थी कि गांव की टंकी एक साल से बंद पड़ी है। इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। -रणधीर सिंह वर्मा, जल जीवन मिशन
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