-डग्गामार वाहनों में सफर कर अपने गतंव्य तक पहुंचे यात्री, उठानी पड़ी दिक्कतें
-कर्मचारियों ने 18 सूत्रीय मांगों को लेकर एआरएम को सौंपा ज्ञापन
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बड़ौत।18 सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को चालक-परिचालकों सहित अन्य कर्मचारियों ने बड़ौत डिपो पर पहुंचकर हंगामा किया। साथ ही धरने पर बैठ गए, जिस कारण परिवहन व्यवस्था धड़ाम हो गई। इस दौरान यात्रियों को अपने गतंव्य तक पहुंचने के लिए डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ा। हालांकि बाद में कर्मचारियों ने एआरएम को ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद कहीं जाकर परिवहन व्यवस्था सुचारू हो सकी।
रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर मंगलवार को शाखा अध्यक्ष संजीव मलिक व शाखा मंत्री विनोद तोमर के संयुक्त नेतृत्व में काफी संख्या मेें चालक-परिचालक व अन्य कर्मचारी डिपो परिसर में पहुंचे और हंगामा कर धरने पर बैठ गए। उन्होंने संविदा कर्मचारियों को स्थायी किए जाने, दिवाली बोनस, छुट्टी, महंगाई भत्ता, आवास भत्ता, दो वर्ष बाद प्रोन्नति करने सहित 18 सूत्रीय मांगें उठाईं। चेतावनी की अगर जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। उधर, चालक-परिचालकों की हड़ताल से सुबह से ही दिल्ली-सहारनपुर हाईवे, बड़ौत-मुजफ्फरनगर मार्ग, बड़ौत-शामली मार्ग पर बसें कम रहीं। इस कारण यात्रियों को डग्गामार वाहनों में सफर करना पड़ा। तकरीबन 11 बजे कर्मचारियों द्वारा एआरएम रामदास सोनकर को ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त किया गया, तब जाकर बसों का संचालन शुरू हो सका। इस अवसर पर नरेश, नरेन्द्र मान, सुदेश, जितेन्द्र, प्रमेन्द्र, विकास, सुरेन्द्र, महकार शामिल रहे।