संवाद न्यूज़ एजेंसी
बड़ौत। नगर में बिजरौल रोड स्थित जय बजरंग प्रतिष्ठान पर चल रहे शिविर में मंगलवार को प्रशिक्षकों को मधुमक्खियों की प्रजातियों के बारे में जानकारी दी गई।
शिविर में समन्वयक जेके श्योराण ने बताया कि अन्य उद्योगों की अपेक्षा यह व्यवसाय कम निवेश में शुरू किया जा सकता है। मधु, मोम में वृद्धि कर उत्पादन किया जा सकता है। बताया कि एक मधुमक्खी पालन से शहद व मोम के अलावा रॉयल पदार्थ भी प्राप्त होता है, जिसकी विदेशों तक मांग है। बताया कि पांच में से चार प्रकार की मधुक्खियों का पालन के लिए प्रयोग किया जाता है। ट्राइगोना प्रजाति की मधुमक्खी का खास महत्व नहीं है। इस मौके पर बब्बर सिंह, विजय सिंह, अजय सहरावत, रमेश आदि उपस्थित रहे।