बागपत। दिल्ली-शामली रेल मार्ग पर ट्रेन में सफर करना मौत को दावत देने के समान है। मोबाइल लूट के विरोध पर युवक अश्वनी कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी। इससे पहले भी ट्रेन में जानलेवा हमले और लूटपाट होती रहती है।
इस मार्ग पर चलने वाले ट्रेनों में लूटपाट, मारपीट की घटना आम बात है। शायद ही कोई दिन गुजरता होगा जिस दिन इस तरह की घटना न होती हो। डेढ़ साल पूर्व दिल्ली से शामली जा रहे जमातियों के साथ मारपीट की गई। इस पर भारी बवाल हुआ था। शामली जनपद में ट्रेन की पटरी तक उखाड़ दी थी। पिछले दिनों तो एक युवती को छेड़छाड़ के विरोध पर ट्रेन से फेंकने तक का प्रयास किया गया था। उसके बाद भी रेलवे विभाग सतर्क नहीं हुआ। उसके बाद भी मारपीट की पुलिस के सामने अनेकों घटनाएं आ चुकी है। लेकिन रेलवे विभाग घटना को जरा भी गंभीर नहीं है। इसी का नतीजा है कि शुक्रवार शाम मोबाइल लूट के विरोध पर युवक अश्वनी कुमार को अपनी जान गवानी पड़ी। आरोपी आराम से हत्या कर फरार हो गया।
बीड़ी पीने के विरोध पर सेना के जवान को किया था अधमरा
बागपत। सेना का जवान गुजरात से छुट्टी लेकर चार माह पूर्व अपने घर आ रहा था। वह दिल्ली से ट्रेन में सवार होकर बड़ौत जा रहा था। जैसे ही ट्रेन सुन्हेड़ा हाल्ट से रवाना हुई। ट्रेन में सवार तीन-युवक उसके सामने बीड़ी पीने लगे थे। मना करने पर आरोपियों ने उनकी डंडों से बुरी तरह से पिटाई की थी। उसके बाद अहेड़ा स्टेशन पर उतरकर फरार हो गए थे।