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जहरीले पानी ने दो की ले ली जान

Thu, 14 Apr 2016 12:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागपत
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बागपत के मुलसम गांव में जहरीले पानी के सेवन करने से दो लोगों की मौत हो गई। इनकी मौत से गांव में शोक छा गया और परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने कहा गांव का पेयजल जहरीला हो चुका है। इसके इस्तेमाल से लोगों में भयंकर बीमारियां फैल गई हैं।
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ग्रामीणों ने बताया गांव में एक भी हैंडपंप का पानी पीने लायक नहीं है, लेकिन ग्रामीणों को इनका पानी पीने को मजबूर हैं। कुछ दिन पूर्व जल निगम की टीम ने गांव में पहुंचकर हैंडपंपों के पानी की जांच की थी। जांच में यह पानी पीने लायक नहीं पाया गया था। इस जहरीले पानी को पीने से लोग कैंसर, ब्रैन हैमरेज, हार्ट फेल जैसी जानलेवा बीमारियों ग्रसित हो गए है। 
खराब पीने के सेवन करने से बुधवार को मुलसम गांव में 52 वर्षीय ओमवीर की ब्रैन हैमरेज और मंगलवार की रात में 60 वर्षीय भोला की हार्ट फेल हो जाने से मौत हो गई। इससे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और परिजनों में कोहराम मच गया। गांव में एक सप्ताह पूर्व भी दो लोगों की हार्ट फेल हो जाने से मौत हो गई थी। गांव में जहरीले पानी का सेवन करने से हो रही लगातार मौत को लेकर ग्रामीणों में भय व्याप्त है।
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   ग्रामीणों ने बताया पिछले चार माह में 16 लोगों की जान जा चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार के जांच के दौरान हर हैंडपंप का पानी दूषित मिला है। इस संबंध में जल निगम की टीम ने प्रशासन और शासन को रिपोर्ट भी दे दी हैं। उन्होंने गांव में गांव में पेयजल की जांच कराकर इस समस्या का समाधान कराने और ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मुहैय्या कराने की मांग की है।

हिंडन-कृष्णा नदियां बनीं लोगों का काल
दोघट (ब्यूरो)। क्षेत्र के दो दर्जन से ज्यादा गांव हिंडन-कृष्णा नदी के किनारे बस हुए है। यहां का जन मानस, पशु, पक्षी जहरीले पानी को पाने के लिए मजबूर है और गंभीर बीमारियों की चपेट में है। शासन-प्रशासन यहां कुछ नहीं कर रहा है। एनजीटी ने कई बार आदेश शासन और प्रशासन को दिए कि यहां के जन मानस, पशु, पक्षियों को शुद्ध पीने का पानी उपलब्ध कराए।

इन आदेशों पर आज तक पालन नहीं हुआ है। क्षेत्र के गांव असारा, सूजती, बूढ़पुर, गांगनौली, इब्राहिमपुर माजरा, थल, मौजिजाबाद नांगल, कंडेरा, बामनौली, रहतना, दादरी, बरनावा, शाहपुर बाणगंगा, खपराना, मिलाना, झूंडपुर, सरोरा आदि गांव हिंडन और कृष्णा नदियों के किनारे बसे हुए है। इनमें चीनी मिलों, पेपर मिलों और न जाने कितने अन्य कल कारखानों से जहरीला पानी डाला जा रहा है। यह पानी भूजल में घुल मिलकर हैंडपंपों, सबमर्सिबल के माध्यम से बाहर आ रहा है।

जिसको पीने में इस्तेमाल किया जाता है। यह जहरीला पानी क्षेत्र में नई-नई बीमारियों दे रहा है। धर्मेन्द्र राठी, किरतपाल प्रधान, रामफूल सिंह, मंगता खां, अमित तोमर, राजेंद्र सिंह आदि ने कहा दोनों नदियों ने क्षेत्रवासियों का जीवन नरक बना दिया है। सरकार इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रही है। हर आदमी किसी न किसी बीमारी से पीड़ित है। कैंसर जैसी भयंकर बीमारी से यहां आए दिन किसी न किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है। 
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