पैदावार कम, परिवहन खर्च ज्यादा
सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि गर्मी के कारण कई क्षेत्रों में सब्जियों की पैदावार प्रभावित हुई है। बाहर से आने वाली सब्जियों की आवक भी कम हो रही है। इसके अलावा ढुलाई पर बढ़ते खर्च का असर सीधे बाजार भाव पर पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि फिलहाल कीमतों में राहत के आसार कम हैं।
महंगाई ने बिगाड़ा घर का हिसाब-किताब
सब्जियों की बढ़ती कीमतों का असर सीधे रसोई तक पहुंचा है। कई परिवारों ने महंगी सब्जियों की खरीद कम कर दी है। लोग अब सस्ती सब्जियों और दालों पर ज्यादा निर्भर होने लगे हैं।
गृहिणियों ने बताई परेशानी
अर्चना शर्मा का कहना है कि पहले गैस सिलिंडर महंगा हुआ, अब सब्जियों के बढ़ते दामों ने रसोई का बजट और बिगाड़ दिया है।
निर्मला ने बताया कि टमाटर और अन्य सब्जियां इतनी महंगी हो गई हैं कि कई बार मजबूरी में आलू से ही काम चलाना पड़ रहा है।
साक्षी का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई से घरेलू खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है और सरकार को इस दिशा में ध्यान देना चाहिए।
शालू शर्मा ने बताया कि सब्जियां महंगी होने के कारण कई बार एक समय दाल बनाकर काम चलाना पड़ रहा है।
10 दिन में ऐसे बदले सब्जियों के भाव
| सब्जी |
10 दिन पहले |
वर्तमान भाव |
| टमाटर |
30 रुपये |
60 रुपये |
| तोरी |
30 रुपये |
40 रुपये |
| भिंडी |
30 रुपये |
40 रुपये |
| प्याज |
30 रुपये |
40 रुपये |
| गोभी |
60 रुपये |
80 रुपये |
| खीरा |
30 रुपये |
40 रुपये |
| मटर |
50 रुपये |
100 रुपये |
| अदरक |
160 रुपये |
200 रुपये |
| लहसुन |
170 रुपये |
200 रुपये |