17 मार्च की मध्य रात्रि को कार्यकाल हो जाएगा पूरा
बृहस्पतिवार से तैनात किए जाएंगे प्रशासक, कार्यालयों में रही गहमागहमी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिला पंचायत अध्यक्ष और ग्राम प्रधानों के बाद अब ब्लॉक प्रमुखों के कार्यकाल का बुधवार को अंतिम दिन होगा। 17 मार्च की मध्य रात्रि को ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल पूरा हो जाएगा। इसके बाद ऑनलाइन भुगतान के लिए प्रमुखों की डीएससी को अनरजिस्टर्ड कर दिया जाएगा। साथ ही जिला निधि के खाते से पैसा निकालने और वितरण पर रोक लग जाएगी। पंचायतीराज विभाग इसके लिए निदेशालय के निर्देश के इंतजार में है। 17 मार्च के बाद यदि ब्लॉक प्रमुखों के माध्यम से एक रुपये का भी भुगतान हुआ तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
जिले की 244 ग्राम पंचायतों में प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर को पूरा हो गया था। सभी ब्लॉकों में सहायक विकास अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त कर दिया गया था। जनवरी में जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद डीएम को प्रशासक बनाया गया है। अब 17 मार्च को जिले सभी छह ब्लाकों बागपत, बड़ौत, छपरौली, खेकड़ा, बिनौली और पिलाना के प्रमुखों का कार्यकाल भी पूरा हो रहा है। इसके बाद पंचम राज्य वित्त और 15वें वित्त आयोग से भुगतान की प्रक्रिया पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। पंचायती राज निदेशक की ओर से इस संबंध में आदेश मिलते ही विभाग 17 मार्च की रात में ब्लॉक प्रमुखों की ऑनलाइन भुगतान के लिए बनी डीएससी को अनरजिस्टर्ड कर देगा। जिला निधि से पैसा निकालने व वितरण पर भी रोक लग जाएगी।
बजट खर्च करने की तैयारी
मंगलवार को सभी ब्लाक प्रमुख कार्यालयाें में गहमागहमी देखी गई। प्रयास किया जा रहा है कि कार्यकाल समाप्त होने से पहले सभी प्रकार के लंबित भुगतान कर दिए जाएं। 17 मार्च के बाद ब्लॉक प्रमुखों के पास एक भी रुपया खर्च करने का अधिकार नहीं रहेगा।
ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल 17 मार्च की आधी रात को समाप्त हो रहा है। इनके द्वारा ऑनलाइन भुगतान रोकने के संबंध में निदेशालय से जैसे ही निर्देश मिलेगा, उस पर कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। - कुमार अमरेंद्र, जिला पंचायतीराज अधिकारी।