-मौसम में बदलाव होने से रोजाना गले में संक्रमण के 30 से अधिक मरीज पहुंच रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। बदलते मौसम से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ रही है और लापरवाही के कारण गले में संंक्रमण की समस्या बढ़ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि गले का संक्रमण दिल को नुकसान पहुंचाता है। चिकित्सक गले में संक्रमण होने पर लापरवाही न बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव और लापरवाही बरतने से खांसी-जुकाम की समस्या हो रही है, जिससे गले का संक्रमण बढ़ रहा है। चिकत्सकों का कहना है कि रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने पर संक्रमण तेजी से फैलता है। संक्रमण के कारण जीवाणु शरीर में प्रवेश करता है और परिवर्तित होकर रक्त में पहुंच जाता है। रक्त में पहुंचने पर माइट्रल वाल्व को प्रभावित करता है। इससे रक्त का प्रवाह ठीक से नहीं हो पाता है। रक्त का प्रवाह कम होने से दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। ह्दय रोग विशेषज्ञ डॉ़ दीपक कुमार का कहना है कि सक्रमण के कारण दिल का दौरा पड़ने को रूमेटिक हार्ट डिजीज कहते हैं। उन्होंने बताया कि गले का संक्रमण भी इसका मुख्य कारण होता है। अस्पताल में रोजाना लगभग 30 मरीज गले के संक्रमण के पहुंच रहे हैं।
संक्रमण के लक्षण
-गले में खराश और गले में दर्द होना
-गले में लालिमा और छाले होना
-बुखार के साथ खांसी और आवाज का दबना
-गले का सूखना, और खुजली महसूस होना
ऐसे करें बचाव
-ठंडे और खट्टे पदार्थों का सेवन ना करें
-गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारा करें
-दिक्कत दिखाई देने पर चिकित्सक से परामर्श लें
-गर्म पानी का सेवन करें
-छींकते और खांसते समय रुमाल का प्रयोग करें
वर्जन - बदलते मौसम में लोग लापरवाही बरत रहे हैं, जिससे गले का संक्रमण बढ़ रहा है। समय से इलाज न कराने पर संक्रमण दिल को प्रभावित करता है। ठंडे पदार्थ सेहत के लिए अधिक नुकसानदायक हैं। - डॉ़ एसके चौधरी, सीएमएस