बागपत के मोहल्ला माता कॉलोनी में सट्टेबाजी की सूचना पर छापा मारने पहुंची पुलिस टीम पर भीड़ ने पथराव कर दिया, जिससे पुलिसकर्मियों में भगदड़ मच गई। पथराव में दरोगा सुभाष और सिपाही अनीस गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को चिकित्सकों ने मेरठ के लिए रेफर कर दिया।
बृहस्पतिवार की रात लगभग 10 बजे पुलिस को मोहल्ला माता कॉलोनी में सट्टेबाजी की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दरोगा सुभाष सिपाही अनीस के साथ बाइक से छापा मारने के लिए माता कॉलोनी में पहुंच गए। उन्होंने मोहल्ले में पहुंचकर एक आरोपी के मकान का दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही मोहल्ले में खलबली मच गई। लोग छतों पर चढ़ गए और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।
अचानक हुए इस पथराव से मोहल्ले में भगदड़ मच गई। छतों से दोनों पुलिसकर्मियों पर ताबड़तोड़ पत्थर बरसाए गए, जिससे पुलिस उप निरीक्षक सुभाष एवं सिपाही अनीस घायल हो गए। पथराव की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। इस दौरान मौके पर फायदा उठाकर आरोपी घर का ताला बंद कर फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों के मकान पर दबिश दी, लेकिन कोई भी हाथ नहीं आ सका।
चिकित्सकों ने सुभाष और अनीस की हालत गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद मेरठ के लिए रेफर कर दिया। सूचना मिलते ही एएसपी विद्यासागर मिश्र, पुलिस क्षेत्राधिकारी कर्मवीर सिंह अस्पताल में पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस अधीक्षक आरएस छवि ने बताया कि दरोगा सुभाष और सिपाही अनीस सट्टे की सूचना पर माता मोहल्ले में गए थे। उन्होंने कहा कि इस मामले में एफआईआर दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पिछले वर्ष भी सट्टे की छापामारी पर हुआ था पथराव
बागपत। पुलिस अपनी ही गलतियों से सबक लेने को तैयार नहीं है। पिछले वर्ष झंकार गली में सट्टे की सूचना पर पहुंची स्वाट टीम पर मोहल्ले के लोगों पे पथराव कर दिया था। जिसमें एक दारोगा एवं दो सिपाही घायल हुए थे। लोगों ने उनके साथ मारपीट भी की थी। उस घटना के बाद पूरी तैयारी के साथ छापा मारने के लिए जाने की बजाय सिर्फ एक दारोगा और एक सिपाही छापा मारने के लिए भेेजे गए।