बागपत। निजामुद्दीन दरगाह पर हुए धार्मिक जलसे में जिले के तीन लोग शामिल हुए थे। इनमें सभासद का भाई भी शामिल था। स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम उसके घर पहुंची, लेकिन परिजनों ने उसके रिश्तेदारी में होना बताया। शाम को टीम ने रिश्तेदारी से बुलाकर उसकी जांच की। स्वस्थ्य मिलने पर उसे घर में ही क्वारंटीन किया गया। इसके अलावा दो के दिल्ली अस्पताल में ही भर्ती होना बताया जा रहा है।
तब्लीगी जमात में शामिल लोगों की खोजबीन चल रही है। शासन ने जो सूची जारी की है, उनमें बागपत के चार लोगों के नाम शामिल हैं। लेकिन इनमें एक ने खुद को आजमगढ़ का बताया है। एक की पहचान नगर के सभासद के भाई के तौर पर हुई है। एसडीएम रामनयन, सीएचसी अधीक्षक डॉ विभाष राजपूत, सीओ सिटी ओमपाल सिंह उसके घर पहुंचे, लेकिन वह नहीं मिला। परिजनों ने बताया कि वह तो पहले ही आ गया था और इन दिनों रिश्तेदारी में एक गांव में गया हुआ है। सिंघावली अहीर पुलिस गांव भेजी गई तो युवक मिल गया। इसके बाद उसकी जांच की गई। युवक में कोरोना के कोई लक्षण नहीं मिला। जांच के बाद उसे घर भेज कर क्वारंटीन किया गया। इसके अलावा सूची में जो दो नाम दिए गए हैं, उनमें एक के सामने शामली जिले के युवक का मोबाइल नंबर लिखा है और दूसरा स्विच ऑफ है। सीएमओ डॉ आरके टंडन का कहना है कि लगातार ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। यह भी हो सकता है कि युवक दिल्ली के अस्पताल में ही भर्ती हो, स्थानीय स्तर पर किसी से संपर्क नहीं हो सका है। पुलिस भी तलाश में जुटी है।
यह भी जांच कर रही पुलिस
बागपत। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कोई गुपचुप तरीके से तो शामिल होकर नहीं लौट आया। मंगलवार को धार्मिक स्थलों और शिक्षण संस्थाओं में चेकिंग अभियान चलाया गया।