बागपत जनपद में बुखार का कहर जारी है। बुढ़सैनी में एक प्राइवेट चिकित्सक और डौलचा गांव की महिला समेत तीन की बुखार से मौत हो गई। जानलेवा होते बुखार से गांवों में दहशत का माहौल है। उधर, स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से बेखबर है।
बुढसैनी निवासी प्राइवेट चिकित्सक प्रेमदत्त कौशिक (38) को तीन दिन से बुखार था। उनका मेरठ के निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। बृहस्पतिवार की रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके अलावा डौलचा गांव के ब्रह्म यादव (40) और महिला सरोज शर्मा (65) को भी एक सप्ताह से बुखार था।
परिजनों ने उनका निजी चिकित्सक से काफी उपचार कराया। मगर, हालत में सुधार नहीं हुआ। दोनों की शुक्रवार की सुबह मौत हो गई। इससे तीनों के परिवारों में कोहराम मच गया। दोनों ही गांवों में बुखार से काफी लोग ग्रस्त है। इसे लेकर गांवों में दहशत का माहौल है।
लोगों का आरोप है कि शिकायत करने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की ओर से गांव में न स्वास्थ्य कैंप लगाया गया और न ही कीटनाशक दवाई का छिड़काव किया गया।
उन्होंने अधिकारियों से स्वास्थ्य कैंप लगवाने और कीटनाशक दवाई का छिड़काव कराने की मांग की है। सीएमओ डॉक्टर रविंद्र कुमार मिश्र का कहना है कि बुखार से हुई मौत उनके संज्ञान में नहीं है। गांवों में चिकित्सकों की टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।
कम नहीं हो रहा बुखार का कहर
बुखार का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। तीन माह में बुखार ने 70 से अधिक लोगों की जान ले ली है और अभी भी सैकड़ों लोग पीड़ित हैं, जिनका आसपास के जनपदों में उपचार चल रहा है। मगर, स्वास्थ्य विभाग अभी तक बुखार पर काबू पाने में नाकाम रहा है, जबकि दावे लगातार किए जा रहे हैं। मौसम बदलने के कारण भी बुखार अधिक फैल रहा है।