बागपत। क्राइम ब्रांच, कोतवाली पुलिस और एफडीए की संयुक्त टीम ने 60 रेमडेसिविर इंजेक्शन के साथ पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि दो फरार हैं। आरोपियों में मुजफ्फरनगर निवासी कपड़ा व्यापारी पिता-पुत्र भी शामिल हैं। ये पंजाब की फार्मा कंपनी से इंजेक्शन 9 हजार रुपये में खरीदकर करीब 30 हजार में बेच देते थे।
एएसपी मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि बुधवार देर रात एक्सयूवी 500 गाड़ी को वंदना चौक पर चेकिंग के लिए रोका गया। तलाशी लेने पर गाड़ी से 60 रेमडेसिविर इंजेक्शन बरामद हुए। गाड़ी में मुजफ्फरनगर की गांधी कॉलोनी निवासी मनमोहन साहनी और इनके पुत्र मुकुल साहनी सवार थे। ये दोनों कपड़ा व्यापारी हैं। गाड़ी चंपावत (उत्तराखंड) निवासी बिशन चला रहा था। जो हाल में सेलमपुर चौक रानीपुर हरिद्वार में रहता है।
चालक बिशन ने बताया कि मनमोहन साहनी के बड़े पुत्र विशाल से उसकी मुलाकात हुई थी। उसी के जरिए वह इंजेक्शन पंजाब की किसी कंपनी से लेकर आते थे। ये लोग 92 इंजेक्शन पंजाब के जिरकपुर स्थित वेदांग फार्मा कंपनी से किसी सुखपाल चौहान के जरिए खरीदे थे। 32 इंजेक्शन इन लोगों ने खपा दिए हैं। एक इंजेक्शन करीब 9 हजार में खरीदकर 25 से 30 हजार तक में बेचते थे। विशाल और सुखपाल को पुलिस तलाश कर रही है। इनके मोबाइलों को सर्विलांस पर लगाकर पता लगाया जा रहा है कि ये लोग कब से इस कार्य में जुटे थे।
नकली भी हो सकते हैं इंजेक्शन
- ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बब्बर के मुताबिक इंजेक्शन नकली लग रहे हैं। इंजेक्शनों का सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। वहां से रिपोर्ट आने पर ही पता चलेगा कि इंजेक्शन असली हैं या नहीं। बाकी इंजेक्शन और गाड़ी को सीज कर दिया गया है। एक इंजेक्शन की एमआरपी 54 सौ रुपये है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
पुलिस की कहानी बताई मनगढ़ंत
- पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस की कहानी को पूरी तरह मनगढ़ंत करार दिया है। बताया कि उन्हें शामली से गिरफ्तार किया गया है। इंजेक्शन स्वीफ्ट में थे। स्वीफ्ट गाड़ी और उसके चालक को छोड़ दिया गया। बाद में उनकी एक्सयूवी 500 गाड़ी को पुलिस ने घटना में शामिल कर लिया। मनमोहन का आरोप था कि इंजेक्शन बिशन के पास से बरामद हुए हैं। उनका इंजेक्शन से कुछ लेनादेना नहीं था। उन्हें और उनके बेटों को मामले में फंसाया जा रहा है। जबकि बिशन का कहना था कि विशाल ने ही उन्हें इंजेक्शन उपलब्ध कराए थे। वह मास्क, सैनिटाइजर व अन्य सामान्य दवाओं की ट्रेडिंग करता था। विशाल ने ही पहले मास्क और सैनिटाइजर की ट्रेडिंग के लिए बात की थी। बाद में वह रेमडेसिविर इंजेक्शन की खरीद-फरोख्त करने में लग गया।