राज्य मद्य निषेध परिषद के चेयरमैन डॉ कुलदीप उज्ज्वल की डीपीआरओ को धमकी का मामला मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक पहुंच गया है। वायरल हुई रिकॉर्डिंग भी सीएम को भेजी गई है। कार्यकर्ताओं का दावा है कि इस पर पार्टी अनुशासनात्मक कदम उठा सकती है।
ग्राम सचिवों की तैनाती के मामले में कुलदीप उज्ज्वल ने प्रशासन की अनदेखी पर डीपीआरओ को कॉल कर खरी-खोटी सुनाई थी। इस दौरान डीपीआरओ, सीडीओ और डीएम को भी अपशब्द कहे थे। मामला प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की सुर्खियां बना तो सपाई भी सक्रिय हो गए।
मंगलवार को लखनऊ में समाचार पत्रों की कटिंग और वायरल हुई रिकॉर्डिंग भेजी गई। मुख्यमंत्री के अलावा अन्य कईं नेताओं को मामले से अवगत कराया गया है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री इस पर जल्द ही कोई कदम उठा सकते हैं। गौरतलब है कि बयान के बाद से सपा की राजनीति का रंग ही बदलने लगा है। गुटबाजी फिर हावी हो गई है।
सपाइयों ने खोला मोर्चा
बागपत (ब्यूरो)। डीपीआरओ और कुलदीप उज्ज्वल के बीच हुई बातचीत वायरल हो जाने के बाद सपा नेताओं ने उज्ज्वल के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष बिल्लू प्रधान ने कहा कि साहब सिंह और कुलदीप उज्ज्वल लूट-खसोट में लगे हैं। अधिकारियों को डराया जा रहा है। जिलाध्यक्ष भी केवल नाम के ही हैं। मुख्यमंत्री को मामले से अवगत कराया जाएगा।
मंगलवार को मेरठ रोड स्थित कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में सपा नेता बिल्लू प्रधान ने कहा कि उज्ज्वल ने जिस भाषा का प्रयोग किया है, वह अशोभनीय है। इससे सपा की बदनामी हुई है। उन्होंने राज्य पशुधन विभाग के सलाहकार साहब सिंह पर भी निशाना साधा और कहा कि दोनों अधिकारियों को धमकाकर अपने काम कराते हैं। सपा जिलाध्यक्ष भी केवल कठपुतली बनकर रह गए हैं, इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।
सिर्फ एक ग्राम सचिव का तबादला नहीं होने से कुलदीप ने जिस तरह का व्यवहार किया, वह पार्टी की छवि ही खराब करने वाला हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलकर मामले से अवगत कराया जाएग। ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी किए जाने पर भी कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान ब्राह्मण पुट्ठी के प्रधान राजू और नंगला जाफराबाद के प्रधान राजू कुमार एवं अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।