- सूचना मिलने के बाद भी नहीं पहुंचे सिंचाई विभाग के कर्मचारी, किसानों ने किया हंगाामा
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/बड़ौत। फैजपुर निनाना व बड़ौली गांव के जंगल में बुधवार सुबह रजबहे के टूटने के कारण 150 बीघा से अधिक फसल जलमग्न हो गई है। सिंचाई विभाग को सूचना दी गई, जिसके बाद पानी को रोका गया। सूचना मिलने के बाद पहुंचे कर्मचारियों का लोगों ने विरोध कर मुआवजा दिलाने की मांग की।
बड़ौली गांव निवासी किसान ओमवीर, हरेंद्र, सोहनपाल, धर्मेंद्र, रामकुमार, अमरपाल, महेंद्र, बिजेंद्र का कहना है कि गेहूं की बुवाई अभी कुछ दिन पहले ही शुरू की थी। वह खेतों में काम कर रहे थे कि अचानक रजबहा टूट गया और खेतों में पानी भर गया। पानी भरने के कारण फसल जलमग्न हो गई है। वहीं गन्ने की फसल में भी अधिक पानी भरने से नष्ट होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों ने विभागीय अधिकारियों से जल्द ही मरम्मत कराने व मुआवजा दिलाने की मांग की। वहीं फैजपुर निनाना गांव में बिहारीपुर रजबहा की सफाई चल रही थी और अचानक ही पानी छोड़ दिया गया। पानी आने के कारण बांध टूट गया, जिससे पप्पू, विजयपाल, जयपाल के खेतों में पानी घुस गया। रोहित धनकड़ ने बताया कि सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को सूचना देकर पानी को रूकवाया, जिसके कारण अन्य खेतों में पानी नहीं पहुंच सका।
ये बाेले किसान
- पांच बीघा गेहूं की बुवाई की थी और रजबहे के टूटने के कारण खेत में पानी भर गया। अब फिर से फसल की बुवाई करनी पड़ेगी। - हरेंद्र
- गन्ने के खेत में पानी घुस गया है और अब फसल नष्ट होने का खतरा बना हुआ है। सिंचाई विभाग से जल्द ही मुआवजा दिलाने की मांग की है। - धर्मेंद्र
वर्जन
सूचना मिलते ही कर्मचारियों को मौके पर भेज दिया गया था, जिसके बाद किसानों की मदद से रजबहा ठीक करा दिया गया है। - सूरजपाल, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग