संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। यमुना में हजारों मछलियां मर गई हैं और वे किनारों पर पड़ी हुई हैं। इसके अतिरिक्त तीन दिन से पानी में पीछे से बहकर भी मृत मछलियां आ रही हैं। इतनी बड़ी संख्या में मछलियां मरने पर यमुना किनारे पूजा-अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं ने रोष जताया। यमुना में कीटनाशक डालने की आशंका जताई जा रही है।
यमुना में पक्का घाट पर रोजाना काफी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना करने व स्नान करने आते हैं। वहां रविवार को पूजा अर्चना करने पहुंचे बागपत के मनीष गर्ग ने बताया कि तीन दिन से लगातार मृत मछलियां बहकर आ रही हैं। इस कारण यमुना किनारे पूजा भी नहीं हो कर पाते हैं। पानी में बहकर आने वाली अधिकतर मछलियां यहां किनारे पर पड़ी रहती हैं। श्रद्धालुओं ने इस तरह यमुना में हजारों मछलियां मरने पर रोष जताया और यमुना में फैक्टरी व नालों का दूषित पानी डालने पर रोक लगाए जाने की मांग की गई। उनका कहना है कि ऐसा नहीं किया गया तो यमुना में सभी जलीय जीव मर जाएंगे।
कछुए भी मर रहे
श्रद्धालु मनीष गर्ग ने बताया कि यमुना में पिछले तीन दिन में मरे हुए कई कछुए दिखाई दिए हैं। उस वक्त इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन अब इतनी संख्या में मछलियों के मरने से यह साफ हो रहा है कि दूषित पानी व कीटनाशक के कारण जलीय जीवों की मौत हो रही है।
यमुना में दूषित व रसायन वाला पानी डाले जाने के कारण पानी में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। इससे जलीय जीवों की मौत हो जाती है। इस तरह जलीय जीवों के मरने की अब जानकारी मिली है। पानी का नमूना लेकर जांच कराई जाएगी। जिससे दूषित पानी डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।-सुभाष तोमर, मत्स्य विकास अधिकारी, बागपत