बीस साल में जिले की अल्पसंख्यक संस्थाओं में भी हुई भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। सुप्रीम कोर्ट ने माध्यमिक स्कूलों में मैनेजमेंट कोटे से भर्ती हुए शिक्षकों की परीक्षा कराने के आदेश जारी किए हैं। शिक्षकों की भर्ती को रदद किया जाएगा। दो दशक में जिले में भर्ती हुए शिक्षकों को भी अब परीक्षा देनी होगी।
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि यूपी में जो शिक्षक मैनेजमेंट कोटे से भर्ती हुए हैं, उन्हें अब परीक्षा देनी पड़ेगी। साल 2000 के बाद मैनेजमेंट कोटे से जितनी भी नियुक्तियां हुई हैं, उन्हें रदद किए जाने की तैयारी है। लेकिन शिक्षकों के लिए राहत की बात यह है कि परीक्षा पास करने पर नियुक्तियां बहाल रहेगी। अल्पसंख्यक संस्थाएं भी नियम के दायरे में आएंगी। परीक्षा के बाद मेरिट लगेगी। पहले से नियुक्त लोगों को उम्र और मेरिट के हिसाब से राहत मिल सकती है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक वेतन मिलता रहेगा। प्रभारी डीआईओएस अनुराधा शर्मा का कहना है कि अभी कोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं है। कोर्ट के आदेशों और शासन की गाइडलाइन का पालन कराया जाएगा।
जिले में खाली पड़े 350 पद
बागपत। जिले के एडेड माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। शिक्षक संगठन बार-बार भर्ती किए जाने की मांग उठाते रहे हैं। जिले में करीब 350 पद खाली पड़े हैं।
जिले में 75 स्कूल एडेड
बागपत। जिले में एडिड स्कूलों की संख्या 75 है। तदर्थ शिक्षकों की भर्ती भी लंबे समय से नहीं हुई है। प्रभारी डीआईओएस अनुराधा शर्मा का कहना है कि गाइडलाइन या आदेेश मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।