बागपत। केंद्र सरकार के एकाएक पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद करने की घोषणा के बाद मध्यम वर्ग और व्यापारियों में बेचैनी बढ़ गई है। बुधवार को हंगामा होने के आसार हैं। अधिकांश लोगों ने कहा सरकार के फैसले से सबसे अधिक नुकसान मध्यम वर्ग को होगा। सरकार को पहले से समय देना चाहिए था। बैंक बंद होने की घोषणा से हालात और अधिक खराब हो सकते हैं। अचानक नोट बंद होने से बुधवार को करोड़ों रुपये का व्यापार भी प्रभावित होगा।
केंद्र सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट को बंद करने की घोषणा का असर तो जनपद में मंगलवार की रात ही दिखाई देने लगा। बाजार में दुकानदारों ने लोगों से रुपये लेने से इंकार कर दिया। यही नहीं एक-दूसरे से चल रहे लेन-देन को भी बंद कर दिया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष प्रमोद पालीवाल ने कहा केंद्र सरकार के एकाएक घोषणा करने से मध्यम वर्ग प्रभावित होगा। इससे छोटे व्यापारी, आम किसान को नुकसान होगा।
अधिवक्ता देवेंद्र आर्य का कहना है कि सरकार को इसकी पहले से घोषणा करनी चाहिए थी। इसके बाद लोगों को रुपये बदलने का समय दिया जाता है। कुछ घंटे में ही आखिर कोई कैसे रुपये बदल सकता है। सीए राहुल जैन ने कहा केंद्र सरकार के फैसले से देश की अर्थ व्यवस्था पर भारी असर पड़ेगा। कई दिन तो व्यापार ठप हो जाएंगे, क्योंकि अधिकतर लोगों के पास लेनदेन के लिए पांच सौ या एक हजार रुपये की शेप में ही रुपये रखे हुए होते हैं।
एलडीएम बोले, नहीं थी भनक
अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक पीवी राजू का कहना है कि पहले से बैंकों को इस तरह की कोई सूचना नहीं थी। उन्हें इस विषय में अभी अधिक जानकारी नहीं है।
इनसेट
यूं बिगड़ जाएंगे हालात
वर्तमान समय में अधिकतर चलन में पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट हैं। कारोबार भी अधिकतर इनसे ही चल रहे हैं। ऐसे में बुधवार को जब यह नोट बंद होंगे तो आखिर बाजार कैसे चलेगा, क्योंकि जिनके पास अन्य करेंसी है, वह इसे बाजार में उतारने के लिए मूड में नहीं है। जाहिर है कि बुधवार को बाजार को अरबों रुपये का फटका लगने की संभावना है।
बैंक बंद होने से बिगड़ेगी बात
जिन लोगों के पास नगद में केवल पांच सौ या हजार का नोट है, वह आखिर बुधवार को अपनी जरूरत के काम कैसे करेंगे। दुकानों में यह नोट नहीं चलेेंगे। बैंक और एटीएम बंद हैं। ऐसे में मुश्किलें खड़ी होना लाजिमी है।
याद आए छोटे नोट
जैसे ही पांच सौ और एक हजार रुपये का नोट बंद होने की खबर फैैली लोगों को अपने-अपने घरों और जेब में छोटे नोटों की याद आने लगी। इनमें एक सौ रुपये, पचास रुपये और यहां तक की दस रुपये के नोट की भी गिनती हुई।