बागपत-बड़ौत रोड स्थित एटीएम से पैसे निकालने के लिए लाइन में लगे लोग।
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बागपत। नोट बंदी के 42वें दिन बाद भी लोगों को कैश नहीं मिल रहा। बैंकों और एटीएम के बाहर भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। किसी को कैश मिल रहा है और किसी को नहीं। एटीएम के बाहर भी लाइनें जारी है।
केंद्र सरकार के नोट बंदी के फैसले से फैली अव्यवस्था से सब गड़बड़ाया हुआ है। बैंकों से लोगों को कैश नहीं मिल रहा है। किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एटीएम से लोगों को निराशा हाथ लग रही है। शहर के इक्का-दुक्का बैंकों के एटीएम से ही कैश निकल रहा है, जिन पर भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार को हालत जस के तस बने रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों की स्थिति तो पूरी तरह दयनीय हो गई है। हर रोज लोग हंगामे और प्रदर्शन कर रहे हैं। आरोप और प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं, पर कैश नहीं मिल रहा है। बैंक खुलने के समय जो लोगों को रुपये मिल जाते है, उसके बाद जैसे-जैसे समय बीतता जाता है कैश की नगदी का संकट बढ़ता चला जाता है। अमीनगर सराय, दाहा, बिनौली, दोघट, अग्रवाल मंडी टटीरी, बालैनी, रटौल के बैंकों में स्थिति हंगामे की रही।
बैंकों में रही मारामारी
खेकड़ा। मंगलवार को नगर की बैंक शाखाओं में रुपये के लेन देन को लेकर खाता धारकों की दिन भर भीड़ लगी रही। अधिकांश बैंक शाखाओं में खाता धारकों को धनराशि मिली। बैंक शाखाओं के प्रबंधकों का कहना है कि इस सप्ताह के अंत तक लगभग स्थिति सामान्य होने की संभावना है।