बागपत। क्यामपुर गांव में धूल पड़ने पर महिलाओं पर हमला करने के मामले में पीड़ित परिवार को पुलिस ने तीन दिन तक टरकाया। जिसके बाद शुक्रवार को राष्ट्रीय जागरुक ब्राह्मण महासंघ ने कोतवाली में धरना दिया तो दस मिनट में मुकदमा दर्ज हो गया।
कोतवाली में धरने पर बैठे राष्ट्रीय जागरुक ब्राह्मण महासंघ के जिलाध्यक्ष मनोज शर्मा ने बताया कि एक अक्तूबर को क्यामपुर गांव में घर के बाहर सफाई के दौरान धूल उड़ने पर पड़ोसियों ने कुलदीप शर्मा के परिवार पर हमला कर दिया था। जिसमें नीतू शर्मा, दिव्या शर्मा और उषा देवी को लाठी डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर घायल कर दिया। उन्हें बचाने आए नितिन पर भी हमला किया गया। उन्होंने कार्रवाई के लिए कोतवाली में तहरीर दी गई।
आरोप लगाया कि पुलिस ने कार्रवाई नहीं की और पीड़ित पक्ष से चक्कर लगवाए। शुक्रवार को भी शाम को मुकदमा दर्ज करने के लिए कहा। इस पर लोग भड़क गए और धरने पर बैठ गए। धरना शुरू होते ही पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। इसके दस मिनट बाद ही पुलिस ने हमलावर प्रमोद, कल्लू, सरवर, प्रिंस, शिवम, किशन और तीन अज्ञात महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। इस मामले में सीओ हरीश भदौरिया का कहना है कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी।
- कार्रवाई नहीं होने पर धमकी देने का आरोप
कुलदीप शर्मा ने बताया कि तीन दिन तक पुलिस मामले को दबाए बैठी रही और कार्रवाई नहीं की। जिसके चलते हमलावर पक्ष ने उन्हें धमकी भी दी।