जिला पंचायत कार्यालय बागपत। संवाद
बागपत। पंचायत चुनाव की सरगर्मी शुरू हो गई है और हर किसी की नजर दस साल के बाद होने वाले परिसीमन पर है। इस बार जिला पंचायत का परिसीमन होना तय माना जा रहा है जो दावेदारों का गणित बिगाड़ सकता है। क्योंकि वार्डों से कुछ गांव बाहर निकाले जाएंगे तो कुछ नए जोड़े जाएंगे।
पंचायत चुनाव के लिए परिसीमन हर दस साल में बदलता है। इसलिए ही इस बार परिसीमन बदला जाएगा और इसका सबसे ज्यादा असर जिला पंचायत पर पड़ेगा। एक वार्ड में दस से पंद्रह गांव होते हैं और एक-एक गांव से जिला पंचायत सदस्य की हार-जीत तय होती है।
ऐसे में चुनाव लड़ने की तैयारी करने वालों का गणित सबसे पहले परिसीमन से तय होगा। इसलिए ही परिसीमन पर सभी की नजर टिकी है। जिला पंचायत में इस बार एक वार्ड भी बढ़ाए जाने की बात कही जा रही है। यहां अभी 20 वार्ड है जो 21 किए जा सकते है।
हालांकि इसको लेकर शासन से निर्देश मिलने के बाद ही फैसला होगा। इसके अलावा वार्डों का आरक्षण भी तय करेगा कि दावेदारों का चुनाव लड़ने का सपना पूरा होगा या वह टूट जाएगा। क्योंकि यहां ओबीसी के दावेदार ज्यादा रहते हैं और अधिकतर वार्डों पर उनका ही कब्जा है।