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तत्कालीन जेलर और डिप्टी जेलर से कई घंटे पूछताछ

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गांव अब्दुलपुर स्थित जिला जेल। - फोटो : KAHKRA
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खेकड़ा (बागपत)। पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की जिला कारागार में हत्या के मामले में सीबीआई ने जांच बृहस्पतिवार को भी जारी रही। तत्कालीन जेलर यूपी सिंह, डिप्टी जेलर और खेकड़ा थानाध्यक्ष समेत अन्य लोगों से प्रकरण में पूछताछ की। कई घंटे तक वारदात और कार्रवाई के विषय में जानकारी जुटाई गई।
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बृहस्पतिवार को सीबीआई के डिप्टी एसपी अरुण रावत टीम के साथ जिला कारागार पहुंचे और मुन्ना बजरंगी हत्याकांड के पहलुओं की जांच की। तत्कालीन जेलर उदय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर शिवाजी यादव, खेकड़ा थाना प्रभारी शिव प्रकाश और एसएसआई रजनीश से जिला कारागार में वारदात के विषय में जानकारी ली गई। सीबीआई ने मुन्ना बजरंगी को जिला कारागार में लाने, बैरक में शिफ्ट करने, हत्या और हत्या के बाद कार्रवाई के विषय में जानकारी ली। चारों अधिकारियों से करीब चार घंटे तक प्रकरण के विषय में जानकारी ली गई।
क्या था मामला
बागपत। बड़ौत से बसपा के पूर्व विधायक रहे लोकेश दीक्षित और उनके भाई नारायण दीक्षित से सितंबर 2018 में मोबाइल के जरिए रंगदारी मांगी गई थी। पुलिस की जांच में मुन्ना बजरंगी का नाम सामने आया था। इसी मामले में कोर्ट में पेशी के लिए बजरंगी को बागपत लाया गया था। सुनवाई से पहले रात को बजरंगी को बागपत जेल में शिफ्ट किया गया था। बजरंगी को तन्हाई बैरक में रखा गया था। यहां बजरंगी की हत्या कर दी गई थी। लापरवाही उजागर होने पर तत्कालीन जेलर उदय प्रताप सिंह, डिप्टी जेलर शिवाजी यादव, मुख्य बंदी रक्षक अरजिंदर सिंह और माधव कुमार को सस्पेंड कर दिया गया था।
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