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Baghpat News: यमुना नदी ने जमीन कम करके दुश्मनी बढ़ाई

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बागपत। यमुना नदी में बाढ़ के बाद धार बदलने से बागपत के 13 गांवों की हजारों बीघा जमीन हरियाणा की तरफ चली गई। इससे बागपत की जमीन कम हो गई, मगर हरियाणा के सोनीपत व पानीपत जिले के किसानों के साथ दुश्मनी बढ़ गई। अब वह जमीन पर अपना हक जताकर फसल की बुवाई कर रहे हैं। इसको लेकर विवाद हो रहा है और जमीन उधर होने से अधिकारी भी लाचार दिख रहे हैं।
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यमुना में चार महीने पहले बाढ़ आने पर बागपत के टांडा, नांगल, जागोस, शबगा, कोताना, फैजपुर निनाना, नैथला, निवाड़ा, बागपत, काठा, नंगला बहलोलपुर, सांकरौद, सुभानपुर के किसानों की 5800 बीघा फसल बर्बाद हुई थी। तब फसल बर्बाद होने से किसानों को इतनी परेशानी नहीं हुई, मगर यमुना की धार बदलने से अब फसल बुवाई के दौरान बड़ी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
यमुना की धार बदलने के कारण इन गांवों की 2800 बीघा जमीन हरियाणा के सोनीपत व पानीपत की तरफ चली गई है। किसान जब अपनी जमीन में गेहूं की बुवाई करने गए तो सोनीपत व पानीपत के किसानों से विवाद बढ़ने लगा। वह उस जमीन पर अपना दावा करने लगे और अधिकतर जमीन पर अपनी गेहूं, खरबूजा, तरबूज, खीरा की फसल की बुवाई कर दी।
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बागपत के किसान इसका विरोध जताने जाते हैं तो उनके साथ झगड़ा किया जाता है। किसान अपनी समस्या लेकर अधिकारियों के पास जाते हैं तो वह भी हरियाणा की तरफ जमीन होने के कारण कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं। इस तरह यमुना की धार बदलना बागपत के किसानों के लिए आफत बन गई है।
-पहले से सीमा विवाद में फंसी थी 17,730 बीघा जमीन
यूपी व हरियाणा के किसानों की करीब 17730 बीघा जमीन यमुना खादर में सीमा विवाद में फंसी है और यह विवाद 1968 से चल रहा है। यमुना की धार कई बार बदलने से यूपी की जमीन हरियाणा की ओर चली गई। उस जमीन पर कब्जे को लेकर ही यह विवाद चल रहा है। इस विवाद के बढ़ने पर केंद्र ने 1974 में तत्कालीन कृषि मंत्री उमाशंकर दीक्षित की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया और दीक्षित अवार्ड के तहत दोनों प्रदेश की जमीन पर पिलर लगवाए गए।
उस समय यमुना की धार को आधार मानकर सीमांकन कर दिया गया था। उस समय तय हुआ था कि यूपी के किसानों की जमीन हरियाणा की ओर है तो उसपर हरियाणा के किसान काबिज होंगे और हरियाणा के किसानों की जमीन यूपी की ओर है तो उस पर यूपी के किसान काबिज होंगे। तब उस पर कब्जा नहीं दिलवाया गया और यह विवाद लगातार बढ़ता गया।

हमारे गांव की 500 बीघा जमीन हरियाणा के सोनीपत के बड़ौली व गढ़ मिर्कपुर गांव की तरफ चली गई। वहां के किसानों ने गेहूं की फसल की बुवाई कर दी और अब तरबजू, खीरा, खरबूजे की फसल की बुवाई कर रहे हैं। हम खेती करने के लिए जाते हैं तो मारपीट की जाती है। -रोहित धनकड़, फैजपुर निनाना
हमारी 70 बीघा जमीन यमुना की धार बदलने के कारण सोनीपत जिले के जाज्जल गांव की तरफ चली गई। चार दिन पहले भी उस पर फसल बुवाई को लेकर विवाद हुआ तो अधिकारी भी पहुंचे थे। इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकल रहा है। इससे किसान परेशान हैं। -हसरत, निवाड़ा

हमारे यहां की जितनी भी जमीन हरियाणा के सोनीपत व पानीपत की तरफ गई है। उस पर मालिकाना हक बागपत के किसानों का रहेगा, उसको लेकर कोई विवाद नहीं होना चाहिए। यदि कोई विवाद करता है तो वहां के प्रशासन व पुलिस से शिकायत कर सकते हैं। हमारे यहां भी शिकायत आने पर कार्रवाई कराई जाती है। -अस्मिता लाल, डीएम
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