बागपत। शहर के नौरोजपुर गुर्जर मार्ग स्थित नई बस्ती निवासी ईंट भट्ठा मजदूर कृष्ण (36) की हत्या का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार महिला छोटी ने अपने भाई धर्मेंद्र और पिता पूरन के साथ मिलकर कृष्ण की हत्या की थी। यह घटना 27 अप्रैल को हुई थी।
कृष्ण के परिजनों के कोतवाली पहुंचने के बाद हत्यारोपी ईंट भट्ठे से हरियाणा भाग गए। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है। 27 अप्रैल की दोपहर सिसाना-संतोषपुर मार्ग पर सूखे रजबहे में एक युवक का शव मिला था। शरीर पर चोट के निशान थे और गला घोंटकर हत्या की गई थी। 72 घंटे तक पहचान न होने पर पुलिस ने शव का लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया था। शुक्रवार रात कृष्ण के भाई चंद्रपाल ने शव की पहचान की। चंद्रपाल ने पुलिस को बताया कि ईंट भट्ठे पर काम करने वाले पूरन, उसकी बेटी छोटी और बेटे धर्मेंद्र से कृष्ण की जान-पहचान हो गई थी। इसी जान-पहचान के चलते कृष्ण उनके पास चला जाता था, जिससे आरोपी उससे रंजिश रखने लगे थे। तीनों ने मिलकर कृष्ण की हत्या कर शव सूखे रजबहे में फेंक दिया था।
-पुलिस के पहुंचने से पहले भाग गए हत्यारोपी
कृष्ण की हत्या के मामले में शुक्रवार रात उसके परिजनों ने कोतवाली में पहुंचकर हंगामा किया और हत्या करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत भी की। मगर पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी वहां से भाग गए। हत्यारोपियों की झुग्गी में चारपाई पर सोने के लिए कपड़े भी बिछे हुए मिले। इसके अलावा अन्य सामान भी झुग्गी के बाहर रखा हुआ था।
-30 साल से भट्ठे पर रह रहा था हत्यारोपी
चंद्रपाल ने बताया कि हत्यारोपी धर्मेंद्र पिछले 30 साल से ईंट भट्ठे पर रह रहा था। कई साल पहले उसने अपनी बेटी छोटी की शादी कर दी थी, जो एक साल पहले पति से विवाद होने पर वापस भट्ठे पर आ गई थी।