बागपत। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत जिले के 21 गांवों को पाइप पेयजल योजना के लिए शासन से स्वीकृत मिल गई है। धन का आवंटन होते ही कार्य शुरू हो जाएगा।
पीने के पानी की किल्लत से मुक्ति के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार गांवों में ओवरहेड टैंक का निर्माण और अन्य योजनाएं सुचारु कराई गई है। राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत जिले के 21 गांवों के लिए पाइप पेयजल योजना स्वीकृत हो गई है। अभी धनराशि आवंटित होनी शेष है। योजना के क्रियान्वयन के लिए धनराशि के मिलते ही सुचारु करा दिया जाएगा। इन गांवों में लोगों को घरों में ही पीने के पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी। अनुमान लगाया जा रहा है कि योजना के क्रियान्वयन के लिए जल्द धन की स्वीकृति मिलने की संभावना है। इसके अलावा 21 गांवों से अलग पांच गांवों की जल निगम मुख्यालय को स्वीकृति के लिए प्रेषित की जा चुकी है। सहायक अभियंता जल निगम ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत 21 गांवों के लिए स्वीकृति मिल गई है। धनराशि आवंटित होते ही कार्य शुरू कराया जाएगा।
योजना की राशि हुई वापस
जिले के तीन गांव योजना से बाहर हो गए हैं, क्योंकि बिराल में जल कल स्थल के लिए भूमि उपलब्ध नहीं। सरौरा में आबादी कम है तथा बिजरौल के ग्रामीण पाइप पेयजल योजना के इच्छुक नहीं है। बिजरौल गांव के लिए स्वीकृत योजना की धनराशि वापस हो गई है।
क्षतिग्रस्त पाइपों को ठीक कराया जा रहा
जिला स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक में सांसद डॉ. सत्यपाल ने बासौली में जगह-जगह पानी के पाइपों की मरम्मत की बात कही थी। तभी से अब तक बासौली में लीकेज पाइपों को ठीक कराने का कार्य चल रहा है।