संवाद न्यूज एजेंसी
दाहा। दाहा गांव के बड़े शिव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथा व्यास पंडित कपिल देव महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाया।
उन्होंने कहा कि सुदामा अपनी पत्नी के आग्रह पर अपने मित्र (सखा) से मिलने के लिए द्वारिका पहुंचे। द्वारिकाधीश के महल का पता पूछा और महल की ओर बढ़ने लगे तो द्वार पर द्वारपालों ने सुदामा को भिक्षा मांगने वाला समझकर रोक दिया। तब उन्होंने कहा कि वह श्रीकृष्ण के मित्र हैं। इस पर द्वारपाल महल में गए और प्रभु से कहा कि कोई उनसे मिलने आया है। अपना नाम सुदामा बता रहा है। जैसे ही द्वारपाल के मुंह से उन्होंने सुदामा का नाम सुना श्रीकृष्ण सुदामा सुदामा कहते हुए तेजी से द्वार की तरफ भागे और अपने साथ महल में लेकर आए। कथा में भोपाल सिंह, तेजपाल सिंह, सुखपाल, मनोज कुमार, इंद्रपाल, बबलू आदि मौजूद रहे।