बागपत। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए ऑनलाइन टेस्ट कराने में बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ में आया है। दलाल तीन हजार रुपये तक लेकर बगैर आए ही कंप्यूटर के आगे फ्रेम में आवेदक का फोटो लगाकर टेस्ट पास करा रहे थे। एआरटीओ कार्यालय में टेस्ट की वीडियो देखी गई तो काफी आवेदकों ने टेस्ट के दौरान पलकें झपकी न गर्दन हिलाई। इसकी जांच कराने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ तो तीन सौ आवेदन निरस्त किए गए।
जिले में हर महीने दो हजार से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदन किए जाते हैं। इनमें से काफी लोग दलालों के चंगुल में फंस जाते हैं।
लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए दलाल ढ़ाई से तीन हजार रुपये लेकर बगैर आए ही ऑन लाइन टेस्ट पास कराने का ठेका ले लेते हैं। दलालों ने ऐसा फ्रेम बनवाया हुआ है जिसमें आवेदक का फोटो लगाकर उसे लैपटॉप के कैमरे के आगे रख दिया जाता है। इस तरह फोटो आवेदक का रखा रहता है और टेस्ट को खुद दलाल करते रहते हैं। इस तरह के एक ही महीने में तीन सौ मामले पकड़ में आए हैं।
इसके बाद अप्रैल महीने में सभी आवेदकों के टेस्ट की वीडियो की जांच कराई जा रही हैं। उनमें यही देखा जा रहा है कि टेस्ट के दौरान किस-किस की पलक झपकती है और किसकी गर्दन हिलती हैं।
n लाइसेंस निरस्त होने के कई महीने बाद चलता पता चल रहा : लोगों को आवेदन निरस्त होने का कई महीने बाद तब पता चलता है, जब उनके पास एसएमएस आता है। वह दलाल के पास पहुंचते हैं तो दलाल इस बारे में जानकारी नहीं होने की बात कहकर उनको टरका देते हैं। आवेदन दोबारा से कराने पर 11 सौ रुपये देने पड़ते हैं।