बागपत में काम करता खलचूरी कारोबारी।
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व्यापारियों में अभी भी जीएसटी की टेंशन है। वाणिज्य कर कार्यालय से लिस्ट न मिलने से सामान भी नहीं बेच रहे है। ग्राहक आ रहे हैं, लेकिन मायूस लौट भी रहे हैं। जिस व्यापारी के पास जीएसटी नंबर है, उसका व्यापार चल रहा है। अभी हाथ से ही बिल काटकर दिया जा रहा है। व्यापारी बोले लोहे में जहां बढ़ोतरी हुई है, वहीं सीमेंट सस्ता हुआ है।
सीमेंट विक्रेता उमेश जैन ने कहा जीएसटी से सीमेंट सस्ता होगा। उन्होंने पहले ही रजिस्ट्रेशन करा लिया था, अभी कंप्यूटर में अप डेट नहीं हुआ। हाथ से ही ग्राहक को बिल काट कर दे रहे हैं। कोई दिक्कत नहीं हो रही। सरिया विक्रेता शशांक यादव ने कहा जीएसटी से नुकसान पहुंच रहा है।
एक जुलाई से सामान बेचना बंद किया हुआ है। तीन दिन में एक से डेढ़ लाख रुपये का नुकसान पहुंचा है। जब-तब वाणिज्य कर से सामान की लिस्ट नहीं मिल जाती है, तब तक सामान ग्राहक को सामान देंगे।
वैसे सरिये पर साढे़ तीन रुपये बढ़ने का अनुमान है। मकसूद बेग ने कहा ग्राहक को थोड़ा-थोड़ा ही सामान दे रहे हैं। सामान की पूरी सूची मिलने पर ही खुलकर व्यापार करेंगे। जीएसटी कोई नुकसान नहीं होगा। खल चूरी विक्रेता मोहित अग्रवाल ने बताया पांच प्रतिशत खल पर टैक्स लगा है, इससे कोई नुकसान नहीं होगा। खल चूरी और अन्य सामान नहीं दे रहे हैं। लिस्ट मिलते ही सामान बेचेंगे।
गैस सिलेंडर से हटाया जाए जीएसटी
अग्रवाल मंडी टटीरी। कस्बे निवासी विजय मानव के आवास पर लोगों की बैठक हुई। मुकेश रूहेला ने कहा सरकार का जीएसटी लागू करना सही बात है, लेकिन गैस सिलेंडर पर टैक्स लगाया है उसका विरोध किया जाएगा। गरीब लोगों पर 15 से 20 रुपये की मार पड़ेगी। सरकार को गैस सिलेंडर पर जीएसटी हटाने की मांग की। इसमें डॉ. रामोत्तार त्यागी, ब्रिजेश कुमार, अनिल कुमार, सोनू मौजूद रहे।