मिलाना गांव के जलसे में उपस्थित लोग।
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जामिया तहदुल कुरआन मिलाना गांव में दीनी एवं तालीमी जलसे से मोहब्बत का संदेश दिया गया। सर्वसमाज के लोगों से भाईचारे के साथ मिलकर रहने का आह्वान किया। जलसे में कुरान की आयतें पढ़ी तो मौलाना ने रामायण के दो श्लोक पढ़कर एकता का संदेश दिया। मौलानाओं ने कहा कि हर धर्म की इज्जत करनी चाहिए।
जलसे की सदारत मौलाना कारी जावेद ने की। आगाज कलाम की तिलावत से हुआ। खिताब करते गाजियाबाद से पहुंचे मौलाना शफीकुर रहमान ने कहा इंसान बगैर सुन्नत और नबी के तरीके से हटकर कामयाब नहीं हो सकता।
उन्होंने जलसे में मौजूद लोगों से दीनी और दुनियावी दोनों ही तालीम हासिल करने पर जोर दिया। मुल्क की सलामती के सबसे मिलकर मुहब्बत से रहने की भी ताकीद की। मौलाना मुफ्ती मोहसिन ने कहा बुराई को जड़ से उखाड़ फेंक देना चाहिए।
लोगों को अच्छाई की तरफ आने को कहा। मौलाना वाजिद तावली ने रामायण के दो श्लोक पढ़कर जलसे में आए हिंदुओं को भी बखूबी समझाया। मौलाना फिरोजुदीन, कारी मतलूब ने नज्म पढ़कर जलसे में मौजूद लोगों की वाही लूटी। मदरसे में पढ़ने वाले 20 बच्चों की दस्तारबंदी भी की। हजरत मौलाना आरीफ उल हक, मौलाना कारी खालिद मौजूद रहे।