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बारिश ने फेरा किसानों की उम्मीदों पर पानी

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बागपत में बारिश के कारण खराब हुई गेहूं की फसल - फोटो : BAGHPAT
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बागपत। दो दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश और 25 किमी प्रति घंटा की रफ्तार की हवा ने आम जन जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। दो दिन में जिले में 18 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। इसने किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खींच दी है। कृषि वैज्ञानिकों ने सरसों, अगेती गेहूं और आलू की फसल के लिए इस बारिश को नुकसानदायक बताया है। उधर, मौसम वैज्ञानिकों ने अगले दो दिन भी मौसम के खराब रहने का अनुमान जताया है।
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मौसम के बिगड़े मिजाज ने लोगों को मुश्किल में डाल दिया है। बृहस्पतिवार देर रात तक बारिश होती रही। शुक्रवार सुबह बारिश हुई, इसके बाद तेज धूप खिल गई। दोपहर से शाम तक 25 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चली। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शाम चार बजे तेज बारिश शुरू हो गई, जो देर रात तक होती रही। बारिश से जगह-जगह जलभराव हुआ। तौल केंद्रों पर जलभराव के कारण तौल नहीं हो सकी। चीनी मिलों में नो केन की स्थिति हो सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र खेकड़ा के कृषि वैज्ञानिक डॉ संदीप चौधरी का कहना है कि सरसों, गेहूं की अगेती फसल और आलू को भी नुकसान होगा। अगर बारिश और ओलावृष्टि जारी रहेगी तो किसानों को अधिक नुकसान होगा।
कंबलों में लिपटे लोग
बागपत। तेज हवा और बारिश के कारण शुक्रवार को ठंड बढ़ गई। लोगों को दोबारा गर्म कपड़े निकालने पड़े। हवा से बचाव के लिए लोग चादर ओढ़कर निकले।
मरीजों की बढ़ गई संख्या
बागपत। मौसम का मिजाज बदलते ही सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मौसम बदलते ही लोगों को खांसी, नजला और जुकाम की बीमारियों ने घेर लिया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बागपत के अधीक्षक विभाष राजपूत ने कहा कि मौसम खराब होने के कारण लोगों में खांसी, जुकाम की बीमारी फैल रही है। जुकाम और खांसी के मरीज बढ़े हैं। रोजाना चार सौ मरीज आ रहे थे, अब बढ़कर इनकी संख्या पांच सौ तक पहुंच गई है।
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