दिगंबर जैन समाज बावली के तत्वाधान में जैन मंदिर से चंद्र प्रभु भगवान की विशाल रथयात्रा निकाली गई, जो गांव के विभिन्न मार्गों से होते हुए जैन बाग पहुंची। वहां से पूजा-अर्चना के बाद यात्रा जैन मंदिर पर पहुंचकर समाप्त हुई।
शोभायात्रा में दिल्ली, सरधना और बड़ौत के बैंड शामिल रहे। भगवान महावीर पर आधारित भव्य झांकियां सभी के आकर्षण का केंद्र रही। रथ में भगवान चंद्र प्रभु की प्रतिमा विराजमान थी, जैन श्रद्धालुओं ने श्रीजी की जगह-जगह पूजा-अर्चना की।
यह रथयात्रा का जुलूस गांव के विभिन्न मार्गों से होता हुआ जैन बाग पहुंचा, जहां भगवान का अभिषेक किया गया। इसके बाद रथयात्रा का जुलूस वापिस जैन मंदिर पर समाप्त हुआ। रथयात्रा के पहले बोली का कार्यक्रम हुआ। जिसमें भगवान को रथ में बैठने की बोली सुमत प्रसाद बिट्टू जैन ने, खजांची की बोली राजीव कुमार, सतेंद्र जैन, सारथी की बोली नितिन जैन, चंवर ढुलाने की बोली सतेंद्र नितिन कुमार ने ली।
रथयात्रा को सफल बनाने में प्रेमचंद जैन, सुरेंद्र जैन, वकीलचंद जैन, नरेश चंद, सुरेंद्र, शिखर चंद, सतेंद्र कुमार, पवन जैन, नरेश जैन, सतीश, अशोक कुमार, सुशील, अनिल कुमार का सहयोग रहा।