बड़ौत। कोरोना से बचाव और गले को स्वस्थ रखने के लिए अनुलोम-विलोम बेहद जरूरी है। योग विशेषज्ञ डॉ. सुनीता जैन का। इनका कहना है कि अनुलोम विलोम प्राणायाम के अभ्यास से सर्दी, खांसी, नाक व गला ठीक हो जाता है।
डॉ सुनीता का कहना है कि अनुलोम विलोम प्राणायाम का अर्थ होता है सीधा और विलोम का अर्थ है उल्टा। यहां पर सीधा का अर्थ है नासिका या नाक का दाहिना छिद्र और उल्टा का अर्थ है नाक का बायां छिद्र। अर्थात अनुलोम-विलोम प्राणायाम में नाक के दाएं छिद्र से सांस खींचते हैं, तो बायीं नाक के छिद्र से सांस बाहर निकालते हैं। इसी तरह यदि नाक के बाएं छिद्र से सांस खींचते हैं, तो नाक के दाहिने छिद्र से सांस को बाहर निकालते हैं। इसका नियमित अभ्यास से शरीर की समस्त नाडियों का शोधन होता है।