फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Baghpat News: 400 साल पुरानी है तपोस्थली

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

दोघट। भगवानपुर नांगल गांव में शिव गोरखनाथ आश्रम की करीब 400 साल पहले स्थापना हुई थी और आश्रम 23 बीघा जमीन में बना हुआ है। यहां दो संतों ने पहुंचकर समाधि ली थी। वहीं पर्यटन विभाग से भी सुंदरीकरण के लिए छह करोड़ 16 लाख रुपये का बजट मिला है, जिससे आश्रम काफी विकसित हो गया।
शिव गोरखनाथ आश्रम भक्तों के लिए एक तीर्थ स्थल बन चुका है। करीब 400 वर्ष पूर्व यहां बाबा छोटे नाथ और बाबा लिच्छी नाथ ने कड़ी तपस्या के बाद समाधि ले ली थी। उनकी तपोस्थली वर्तमान में लगभग 23 बीघा जमीन पर बनी है, जहां प्राचीन समाधियां और भव्य मंदिर देखने को मिलता है। आश्रम में शिव मंदिर, नव दुर्गा माता मंदिर, हनुमान मंदिर, भैरव मंदिर, शनि देव, नवनाथ मंदिर और गोरखनाथ मंदिर जैसे कई स्थल हैं।
विज्ञापन

बाबा छोटे नाथ और बाबा लिच्छी नाथ की समाधियां यहां की जान हैं, जहां भक्तों को दर्शन मात्र से ही मन को शांति मिलती है। नाथ संप्रदाय की परंपरा को जीवंत रखते हुए यह आश्रम योग, ध्यान और भजन-कीर्तन का केंद्र बना हुआ है। सुबह व रात में आरती होती है। यहां की दिव्यता भक्तों को खींच लाती है।
विज्ञापन

महंत अर्जुननाथ ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में आश्रम की मान्यता दूर-दूर तक फैलती जा रही है। यहां दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचकर पूजन करते हैं। बागपत को धार्मिक पर्यटन का नया केंद्र बनाने में मदद मिलेगी। आश्रम में पर्यावरण का संदेश दिया जाएगा और पौधरोपण किया जाएगा। वहीं आश्रम में करोड़ों की लागत सुंदरीकरण किया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें