संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। रालोद सांसद डॉक्टर राजकुमार सांगवान ने संसद सत्र के दौरान परिसीमन और महिला आरक्षण के मुद्दे पर अपनी बात रखी।
उन्होंने इन कदमों को लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। सांगवान ने कहा कि इससे महिलाओं और वंचित वर्गों को विशेष लाभ मिलेगा।
सांसद सांगवान ने जोर देकर कहा कि परिसीमन केवल एक तकनीकी प्रक्रिया नहीं है। यह देश के लोकतंत्र को सशक्त बनाने का एक माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि परिसीमन का अर्थ केवल सीटों का बंटवारा नहीं, बल्कि हर नागरिक के वोट की बराबर कीमत सुनिश्चित करना है।
यह कदम देश के समावेशी विकास के लिए भी आवश्यक है। सांगवान के अनुसार, परिसीमन के साथ ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण भी लागू होगा। इससे संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की आवाज पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि इस पहल से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य वंचित वर्गों को न्याय मिलेगा। नई जनसंख्या के आधार पर आरक्षित सीटों का पुनर्वितरण किया जाएगा। इससे इन वर्गों को उनका वास्तविक हक मिल पाएगा।