आधार व प्राथमिक पौधशालाओं में अनुदान के खेल की मुख्यमंत्री से की गई थी शिकायत
जिला गन्ना अधिकारी मेरठ व ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक दौराला इस प्रकरण की जांच करेंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। गन्ना विकास परिषद मलकपुर के कृषकों के यहां स्थापित कराई आधार व प्राथमिक पौधशालाओं में अनुदान हुए गबन का मामला मुख्यमंत्री दरबार पहुंच गया है। मुख्यमंत्री के आदेश पर उप गन्ना आयुक्त मेरठ राजेश मिश्र ने मामले में जांच बैठा दी है। जिला गन्ना अधिकारी मेरठ व ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक दौराला इस प्रकरण की जांच करेंगे।
उपेन्द्र धामा पुत्र रणवीर सिंह और गगन धामा पुत्र दिनेश कुमार निवासी बिनौली ने 19 अगस्त को मुख्यमंत्री, गन्ना एवं चीनी आयुक्त/निबंधक सहकारी गन्ना विकास समिति उप्र, उप गन्ना आयुक्त/निबंधक मेरठ मंडल को शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि गन्ना विकास परिषद मलकपुर वित्तीय वर्ष 2018-2019 व 2019-2020 के अंतर्गत कृषकों के यहां स्थापित कराई गई आधार व प्राथमिक पौधशालाओं में अनुदान देय में लाखों का घोटाला किया गया है। पात्र किसानों को अनुदान नहीं दिया गया। अपात्र किसानों को फर्जी आधार व प्राथमिक पौधशाला सिर्फ कागजों पर ही दिखाकर अनुदान राशि दिलवा दी। बाद में किसानों से अनुदान राशि वापस लेकर आपस में बंदरबांट कर ली। साथ ही बताया कि मलकपुर समिति में 18 सुपरवाइजर कार्यरत है। वित्तीय वर्ष 2018-2019 व 2019-2020 का 60 प्रतिशत बजट एक सुपरवाइजर को ही दिया गया है। मुख्यमंत्री के आदेश पर उप गन्ना आयुक्त राजेश मिश्र ने इस मामले की जांच बैठा दी है। जिला गन्ना अधिकारी मेरठ व ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक दौराला इस प्रकरण की जांच करेंगे।
उधर, एससीडीआई मलकपुर दिलीप कुमार ने इस संबंध में जानकारी होने की बात से अनभिज्ञता जाहिर की। दूसरी ओर, जिला सहकारी समिति लोयन मलकपुर के डायरेक्टर सुरेश बावली ने इस मामले में निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।