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Baghpat News: खेती की जानकारी देने वाली मशीन बिना छुए ही हो गई कबाड़

Sat, 08 Mar 2025 01:38 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागपत
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बागपत। जिस मशीन से किसानों को छूकर खेतीबाड़ी की जानकारी मिलनी थी, वह क्योसेक मशीन बिना छुए ही कबाड़ हो गई। यह किसी एक जिले का हाल नहीं है, बल्कि प्रदेशभर में 1.13 करोड़ रुपये से खरीदी गई सभी क्योसेक मशीनों का यही हाल है। महालेखाकार प्रयागराज ने ऑडिट रिपोर्ट के बाद सवाल उठाए तो कृषि निदेशक के मशीनों पर रिपोर्ट मांगी, तब इसका खुलासा हुआ।
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वर्ष 2015 में कृषि विभाग ने क्योसेक मशीन और कंप्यूटर की खरीद की थी। इस क्योसेक मशीन पर लिखा हुआ है कि पारदर्शी किसान सेवा व किसान भाई मुझे छूकर खेती-बाड़ी संबंधी जानकारी नि:शुल्क प्राप्त करें।
इसको लेकर ही महालेखाकार प्रयागराज की ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया कि प्रत्येक जिले में क्योसेक मशीन एवं कंप्यूटर सहवर्ती उपकरणों की खरीद पर 1.49 लाख 500 रुपये की दर से एक करोड़ 13 लाख 62 हजार रुपये खर्च किए गए। मगर, क्योसेक मशीनों को चालू नहीं करने से जहां किसानों को खेती-बाड़ी और योजनाओं की भी जानकारी नहीं मिली। वहीं मशीनों पर खर्च किया गया पैसा बेकार गया।
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इस ऑडिट रिपोर्ट से कृषि विभाग में खलबली मची है। अब कृषि निदेशक डाॅ. जितेंद्र कुमार ने बागपत समेत सभी जिलों के कृषि विभाग के उप निदेशकों को पत्र भेजा कि अक्रियशील क्योसेक मशीनों के बारे में कोई जानकारी कृषि निदेशालय के पास नहीं।
इसलिए सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग की योजना के तहत क्रय की गई क्योसेक मशीनों और कंप्यूटर सहवर्ती उपकरणों के संबंध में साक्ष्यों समेत वस्तुस्थिति की रिपोर्ट जल्द मांगी गई, जिससे ऑडिट आपत्ति निस्तारित हो सके। मगर, जिस तरह से क्योसेक मशीनें कबाड़ बनी हैं, उससे जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सकती हैं।
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