बागपत के निवाड़ा गांव में खराब हुई लाइट। संवाद
बागपत। यहां माननीयों में लाइट प्रेम ज्यादा उमड़ रहा है। इसलिए मंत्री, विधायक, एमएलसी सभी हाई मास्ट लाइटें लगवाने पर निधि को सबसे ज्यादा खर्च कर रहे हैं। बड़ौत से विधायक व राज्यमंत्री केपी मलिक ने सबसे ज्यादा 2.13 करोड़ रुपये लाइट लगवाने पर खर्च किए तो एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज ने 1.90 करोड़ रुपये खर्च किए। मंत्री की लाइट भी अन्य से एक लाख रुपये महंगी लग रही हैं।
विधायक और एमएलसी को हर साल विकास कार्य कराने के लिए पांच करोड़ रुपये की निधि मिलती हैं। उस निधि को सडक़, इंटरलॉकिंग, नाला, चौपाल निर्माण के अलावा लाइटें लगवाने समेत अन्य कार्यों पर खर्च किया जा सकता है। यहां वित्तीय वर्ष 2023-24 से पहले तक जन प्रतिनिधि अधिकतर निधि को निर्माण कार्यों पर खर्च करते थे। मगर, अब लाइटें लगवाने पर ज्यादा जोर है और दो-दो करोड़ रुपये तक की निधि केवल लाइटों को लगवाने के लिए खर्च किया जा रहा है।
एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज ने लगवाई 132 लाइटें, फिर प्रस्ताव दिए : एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में 19 लाइटें लगवाई थीं। इसके अगले वित्तीय वर्ष 2023-24 में 113 लाइटें लगवाई गईं। इनकी निधि से लगने वाली लाइटों में स्टील का नौ मीटर पाइप लगाया जाता है और उस पर 140-140 वाट की छह लाइटें लगती हैं। एक लाइट पर 1,44,000 रुपये का खर्च आता है। इस तरह अभी तक लाइटों पर अपनी निधि से 1,90,08000 रुपये खर्च कर चुके हैं। वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 में 32 लाइटों का प्रस्ताव फिर दिया, जिस पर कार्रवाई चल रही है। (संवाद)