- निजीकरण के विरोध में बैंकों की हड़ताल से दो दिन में करीब 200 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित
- बैंकों में तालाबंदी और एटीएम खाली होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत/बड़ौत। निजीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को भी जिले में राष्ट्रीयकृत बैंकों की करीब 125 शाखाएं बंद रही। बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इससे जहां नकदी लेन देन, अंतरण आदि का कार्य ठप रहा, वहीं काफी जगह एटीएम खाली रहे। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई और उनको रुपयों के लिए जूझना पड़ा। हड़ताल से दो दिन में करीब 200 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के संयोजक विक्रम आर्य ने बताया कि शुक्रवार को दूसरे दिन भी सभी बैंकों में ताला लटका रहा। कहा कि निजीकरण का सभी को विरोध करना चाहिए। अगर सरकार अपने फैसले पर अड़ी रहती है तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। संजीव तोमर ने बताया कि यह दो दिनों की हड़ताल पूर्णतया सफल रही। इसके लिए सभी बैंक कर्मियों का सहयोग रहा है। बैंक कर्मचारियों ने धरनास्थल पर नाटक के माध्यम से बैंक निजीकरण के दुष्परिणाम के बारे में बताया। इस दौरान विक्रम आर्य, संजीव तोमर, सचिन कुमार, देवेन्द्र कुमार, राजकुमार, राकेश, सचिन पंवार, गंगाराम मिश्रा, गौरव पंवार, राहुल, अंकुश पंवार, कपिल पंवार, राहुल गोस्वामी, मनीष कुमार, अवनाश, सचिन, दीपक कुमार, मौहम्मद नवाज, मदन कुमार, महेश कुमार, बिल्लू, भूपेन्द्र, बिजेंद्र, दीपक कुमार, राजेश कुमार झा, सचिन कुमार, अशोक सक्सेना, अक्षय कुमार, नीरज, राजेश कुमार, भूपेंद्र, अधीर कुमार भारती, मुकेश तंवार, सन्नी आदि मौजूद रहे।
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कैश के लिए भटकते रहे लोग
बड़ौत। हड़ताल के चलते सबसे ज्यादा परेशानी उपभोक्ताओं को उठानी पड़ी। बैंक से कैश न मिलने पर वह एटीएम की तरफ दौड़े। मगर, ज्यादातर एटीएम भी खाली हो गए थे। इस कारण लोगों को एक एटीएम से दूसरे एटीएम तक भटकना पड़ा।
बैंक शाखाओं की हड़ताल के कारण अभी तक 200 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ है। कुछ जगह एटीएम में रुपये खत्म होने की समस्या था, लेकिन अब बैंक शाखाएं खुल जाएगी और खाताधारक लेनदेन कर सकते है। - राजेश पंत, एलडीएम