कैसे होता है क्रियान्वयन
जल समितियां ग्राम जल आपूर्ति प्रणालियों की योजना, क्रियान्वयन, प्रबंधन, संचालन और रखरखाव करती हैं। इनमें 12 सदस्य होते हैं। जल गुणवत्ता की जांच के लिये 13 प्रतिभागियों (02 प्लंबर, 02 इलैक्ट्रीशियन 02 फिटर, 02 पंप आपरेटर, 02 मोटर मैकेनिक व 02 राजमिस्त्री) को शामिल किया है। समितियां सभी उपलब्ध ग्राम संसाधनों को मिलाकर एक बारगी ग्राम कार्ययोजना तैयार करती हैं। योजना को लागू करने से पहले इसे ग्राम सभा द्वारा अनुमोदित किया जाता है।
इस तरह काम करती है किट
किट के माध्यम से जल गुणवत्ता जांच, तकनीकी कार्मिकों यथा राजमिस्त्री, प्लंबर, फिटर, इलैक्ट्रीशियन, पंप आपरेटर, मोटर मैकेनिक को विकास खंड स्तर पर दो दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया जाना था। 19 और 20 दिसंबर में यह प्रशिक्षण ब्लॉक में ही दिया जाना था।
अभी कुछ गांवों में सदस्यों का चयन नहीं हुआ है, जिन गांवों में सदस्य का चयन हुआ है, उन्हें किट दे दी गई है। बताया कि प्रत्येक गांव से चयनित 12 सदस्यों को यह प्रशिक्षण और किट वितरित की गई जानी है। जो किट शेष रह गई है, उन्हें भी जल्दी से वितरित की जाएगी। - माधव मुकुंद, सहायक अभियंता, जल निगम