बड़ौत। नगर के नेहरू मार्ग स्थित एक निजी नर्सिंग होम में सात बच्चों को गलत तरीके से भर्ती करने के लिए बड़ौत सीएचसी के चिकित्सकों पर मिलीभगत का आरोप लगाया। आरोप है कि चिकित्सकों की शह पर ही मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और लोगों ने जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।
नगर के रहने वाले सभासद प्रमोद शर्मा, सभासद योगेश तोमर, सोनू, बबलू आदि ने आरोप लगाया कि नर्सिंग होम को केवल ओपीडी की अनुमति थी। इसके बावजूद लंबे समय से बच्चों को भर्ती किया गया। न योग्य डॉक्टर मौजूद रहे न उपचार के मानक पूरे किए गए फिर भी सीएचसी और स्वास्थ्य विभाग ने कोई रोक नहीं लगाई। एसडीएम भावना सिंह के छापे में सात बच्चे भर्ती मिले, जिसके बाद नर्सिंग होम बंद कराया गया। आरोप है कि यह नर्सिंग होम पिछले काफी समय से संचालित किया जा रहा था, लेकिन एक बार भी सीएचसी पर तैनात अधिकारियों ने मौके पर जाकर निरीक्षण करना तक उचित नहीं समझा। इसलिए यह मिलीभगत से अब तक संचालित रहा। उन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की।
वर्जन-
समय-समय पर अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम के खिलाफ अभियान चलाया जाता है। स्वास्थ सेवाओं से खिलवाड़ करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी और जो आरोप लगाए गए हैं वह गलत हैं।- डॉ. विजय कुमार सीएचसी अधीक्षक बड़ौत