बड़ौत। डीएपी खाद के दामों में कमी आने से किसानों ने राहत तो महसूस की है लेकिन भाकियू नेताओं ने इस छूट को नाकाफी बताया है।
सरकार ने कच्चे माल की बढ़ती अंतर्राष्ट्रीय कीमतों की बात करके 1195 रुपये में मिलने वाली डीएपी खाद की 50 किलो बोरी 1900 रुपये , एनपीके 1075 से 1800 रुपये कर दी थी। किसानों और किसान यूनियन के नेताओं में दाम बढ़ने से केंद्र सरकार के प्रति काफी नाराजगी थी। दाम करने के मांग भी की गई थी। अब केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि किसानों को अब डीएपी खाद 1200 रुपये में मिलेगी।
ये बोले किसान नेता-----
भाकियू के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेन्द्र प्रधान ने कहा कि डीएपी खाद के दाम कम होने का कोई लिखित आदेश अभी नहीं आया है। यह किसानों के साथ केवल छलावा हो सकता है।
ये बोले किसान--
- किरठल निवासी किसान पुष्पेन्द्र चौहान का कहना है कि सरकार ने डीएपी खाद के दाम कम करने का निर्णय लिया है। इससे किसानों में खुशी है। खरीफ फसलों की बोआई शुरू होने वाली है। किसानों को इसका फायदा मिलेगा।
- लुहारी निवासी लोकेश दांगी का कहना है कि डीएपी खाद के बढ़े मूल्य कम किए हैं। सरकार का यह अच्छा कदम है। अब किसानों की आर्थिक हालात में सुधार होगा।
- रंछाड निवासी किसान रविन्द्र हटटी का कहना है कि यह केवल किसानों के साथ सरकार ने मजाक करने का काम किया है। पहले डीएपी के दाम बढ़ाए और अब कम करने की घोषणा की।
- किसान नेता व थांबेदार चौधरी ब्रजपाल सिंह तोमर का कहना है कि किसान संगठनों की मांग के बाद केंद्र सरकार ने डीएपी के मूल्य को कम किया है। लेकिन यह अभी नाकाफी है। सरकार तीन कृषि कानून वापस ले और नाज के समर्थन मूल्य का कानून बनाए।