एमबीए की परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा
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बागपत। फर्जी विकलांग प्रमाणपत्र के आधार पर सरकार को चूना लगाने का आरोप एक शिक्षक पर लगा है। बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षक ने फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर पदोन्नति का लाभ लिया, साथ ही सड़क किनारे वाला स्कूल भी आवंटित करा लिया। डीएम से मामले की शिकायत की गई है। इस पर प्रशासन ने जांच शुरू करा दी है।
मुजफ्फरनगर के जैतपुर गांव निवासी कप्तान सिंह ने बृहस्पतिवार को डीएम हृदय शंकर तिवारी से मुलाकात की। उन्होंने उच्च प्राथमिक विद्यालय अंगदपुर में कार्यरत सहायक अध्यापक कुलभूषण पर फर्जी विकलांग प्रमाणपत्र बनवाकर बेसिक शिक्षा विभाग को लाखों रुपये का चूना लगाने की शिकायत की। आरोप है कि शिक्षक विकलांग नहीं है, इसके बावजूद चिकित्साधिकारी से 45 फीसदी विकलांग होने का प्रमाण पत्र हासिल कर लिया। बिना विभागीय स्वीकृति के पिछले नौ साल से विकलांग भत्ता ले रहा है।
पदोन्नति प्रक्रिया में भी काउंसलिंग कराकर सड़क किनारे के विद्यालय में नियुक्ति पा ली। जबकि, इस तरह के स्कूलों का आवंटन पात्र अभ्यर्थी या फिर महिला शिक्षिकाओं को ही किए जाने का प्रावधान है। शिकायतकर्ता ने मेडिकल बोर्ड से जांच कराने की मांग की है। उधर, बीएसए डॉ एमपी वर्मा का कहना है कि शिकायती पत्र मिलते ही, इसकी जांच कराई जाएगी। सरकार को अगर नुकसान पहुंचाया जा रहा है संबंधित शिक्षक के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।